
लाहौर से पंजा साहिब गुरुद्वारा रवाना होंगे पाक में फंसे सिख श्रद्धालु
AajTak
इस मामले पर भारत ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उच्चयोग लगातार पाक विदेश मंत्रालय और ETPB से संपर्क में है. वहीं खराब हालात के चलते उच्चयोग के अधिकारी श्रद्धालुओं तक नहीं पहुंच पाए हैं. भारतीय उच्चयोग के सूत्रों ने आजतक से कहा कि उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान सरकार से कहा गया है.
TLP के नेता साद हुसैन रिजवी की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते सिख जत्था सोमवार से लाहौर में फंसा हुआ था. हालांकि अब सिख श्रद्धालुओं को आगे जाने के लिए सिक्योरिटी क्लियरेंस दे दी गई है. ये अभी लाहौर में हैं जो पंजा साहिब तक एस्कोर्ट किए जाएंगे. सोमवार को बैसाखी के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए करीब 1000 श्रद्धालुओं का सिख जत्था पाकिस्तान गया था. उनके कार्यक्रम के अनुसार उन्हें पंजा साहिब गुरुद्वारा जाना था, लेकिन पाकिस्तान के हालात के चलते वो यात्रा नहीं कर पा रहे और लाहौर के गुरुद्वारा डेरा साहिब में फंसे हुए थे.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











