
लालू यादव ने सिंबल बांटे, दिल्ली से लौटते ही तेजस्वी ने लिए वापस... RJD में हाई वोल्टेज ड्रामा
AajTak
बिहार में सीट शेयरिंग पर जारी रार के बीच लालू यादव ने राबड़ी देवी के आवास पर चुनाव लड़ने के लिए आरजेडी के सिंबल बांटने शुरू कर दिए. तेजस्वी यादव दिल्ली से पटना लौटे, तब सिंबल पा चुके नेताओं को फिर से राबड़ी आवास पर बुलाकर उनसे सिंबल वापस लिए गए.
बिहार चुनाव के दूसरे चरण के लिए भी नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी दो लिस्ट जारी कर सौ से अधिक उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है. वहीं, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर रार अभी जारी है.
विपक्षी महागठबंधन की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में सोमवार को हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. दरअसल, सोमवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर आरजेडी से टिकट के कई दावेदार पहुंचे थे. कहा जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों को राबड़ी देवी के आवास पर पार्टी की ओर से ही बुलाया गया था.
राबड़ी आवास पर कई नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए लालू यादव ने सिंबल भी दे दिए. देर शाम लालू यादव ने नेताओं को आरजेडी से चुनाव लड़ने के लिए सिंबल दिए, लेकिन तेजस्वी यादव के दिल्ली से वापस पटना लौटते ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. तेजस्वी यादव देर रात दिल्ली से लौटे और उनके पहुंचते ही उन नेताओं को फिर से राबड़ी आवास बुलाया गया, जिन्हें बिहार चुनाव लड़ने के लिए सिंबल दिए गए थे.
सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव के पटना पहुंचने के बाद आरजेडी के उम्मीदवारों को जारी किया गया सिंबल वापस ले लिया गया है. आरजेडी का सिंबल पा चुके नेता आधी रात को बारी-बारी राबड़ी आवास पहुंचे और सिंबल वापस किए. हालांकि, इन नेताओं ने सिंबल को लेकर सवालों पर चुप्पी साध ली है.
बिहार चुनाव की विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
बिहार विधानसभा की हर सीट का हर पहलू, हर विवरण यहां पढ़ें

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.








