
लव जिहाद, पारिवारिक दबाव या विदेश की चाह? राधिका यादव के भाई ने हिमांशिका के आरोपों का दिया सिलसिलेवार जवाब
AajTak
राधिका यादव के भाई रोहित यादव ने हिमांशिका राजपूत द्वारा राधिका पर लगाए गए बंधक बनाने और पाबंदियां लगाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया. रोहित ने स्पष्ट किया कि राधिका को पूरी आजादी थी और उनके पिता दीपक यादव ने वीजा और टिकट सहित सभी खर्चों का वहन करते हुए उन्हें दुनिया भर में टेनिस खेलने के लिए भेजा था. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके गांव में बच्चों पर कोई बंदिश नहीं लगाई जाती और कई लड़कियां डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी नौकरी में हैं.
Radhika Yadav brother exclusive interview: जूनियर इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर राधिका यादव के संदिग्ध मौत मामले में रोजाना हर दिन नई-नई बातें सामने आ रही हैं. हत्यारोपी पिता दीपक यादव 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है. दूसरी ओर राधिका की बेस्ट ब्रेंड होने की दावा करने वाली हिमांशिका सिंह राजपूत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है. जिसमें उसने आरोप लगाया कि राधिका का प्लानिंग के तहत हत्या किया गया. इन आरोपों को लेकर आजतक ने राधिका के भाई से बातचीत की है और उनके परिवार का पक्ष जाना है.
राधिका यादव के भाई रोहित यादव से आजतक की विशेष बातचीत
आजतक: राधिका की दोस्त हिमांशिका के आरोपों पर आप क्या कहना चाहेंगे?
रोहित यादव: हमारे गांव में कम से कम सैकड़ों लड़कियां और बहुएं हैं. कोई डॉक्टर है, कोई इंजीनियर है, कोई सरकारी नौकरी में है. पहली बात तो हमारे गांव में कोई किसी पर बंदिश नहीं लगाता इन सब चीजों की. राधिका यादव को लेकर मीडिया में जो बयान चल रहे हैं, वो गलत हैं. कोई अपने बच्चे को अगर किसी देश में खेलने के लिए भेज रहा है, तो वीज़ा मुफ्त में तो नहीं लगता. टिकट भी मुफ्त में बुक नहीं होती. सरकार ने वो टिकट बुक नहीं कराई. सरकार ने वीज़ा लगवाकर नहीं दिया. अपने पैसों से दीपक यादव (राधिका के पिता) ने अपनी बेटी को भेजा. मेरे हिसाब से दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं बचा होगा जहाँ हमारी बहन खेलने नहीं गई. मीडिया में बेफिजूल के बयान चल रहे हैं. यह पारिवारिक परिस्थिति का विषय है. जो हुआ वो या तो दीपक यादव जानते हैं या गुड़िया जानती है.
पैसों या बंदिशों की बात करें तो हमारे गांव में ऐसा कोई कल्चर नहीं है कि कोई अपने बच्चों पर बंदिश लगाता हो. वीजा में 5,00,000 लगे थे.
बंदिशों और पारिवारिक दबाव के आरोपों पर प्रतिक्रिया आजतक: हिमांशिका ने आरोप लगाए हैं कि राधिका के पिता और उनका पूरा परिवार दबाव बनाता था. फ़ोन कॉल भी परिवार के सामने करने को कहा जाता था. और भी कई तरह की बंदिशें थीं जिनसे राधिका परेशान थी. वह भारत छोड़कर दूसरे देश में शिफ्ट होने पर विचार कर रही थी. आप इस पर क्या कहेंगे?

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.









