
राष्ट्रपति चुनाव: सपा में क्रॉस वोटिंग पर बोले शिवपाल यादव- नेताओं ने मेरी बात मानी
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समाजावादी पार्टी में क्रॉस वोटिंग पर शिवपाल ने कहा कि उन्होंने तभी कहा था कि जो कट्टर समाजवादी होंगे वे यशवंत सिन्हा का विरोध करेंगे और नेताजी का अपमान करने वाले का कभी सपोर्ट नहीं करेंगे. मेरी बात को कुछ लोगों ने माना और उन लोगों ने वोट किया.
राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने प्रतिक्रिया दी है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि मैंने तो पहले ही कहा था, जो हमसे वोट मांगेगा, मैं उसे वोट दूंगा.
राष्ट्रपति चुनाव में सत्ता पक्ष की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत हुई है. वो देश की 15वीं राष्ट्रपति चुनी गई हैं. द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी महिला और आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं. राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में कई विपक्षी सांसदों और विधायकों ने भी मतदान किया और इस क्रॉस वोटिंग की वजह से उनकी जीत का अंतर बड़ा हो गया.
समाजवादी पार्टी में हुई क्रॉस वोटिंग?
शिवपाल यादव ने पहली बार आदिवासी समाज से द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर उन्हें बधाई दी है. वहीं समाजवादी पार्टी के खेमे से क्रॉस वोटिंग होने के सवाल पर उन्होंने कहा- मैंने तो पहले ही कह दिया था कि जो हमसे वोट मांगेगा, मैं उसको वोट दूंगा और सपोर्ट भी करूंगा. विपक्ष के नेता (यशवंत सिन्हा) ने 1997 में नेताजी (मुलायम सिंह) को आईएसआई एजेंट कहा था. हमने तभी कहा था कि जो कट्टर समाजवादी होंगे वे उनका विरोध करेंगे और नेताजी का अपमान करने वाले का कभी सपोर्ट नहीं करेंगे. मेरी बात को कुछ लोगों ने माना और उन लोगों ने वोट किया.
अखिलेश ने हमें बुलाया ही नहीं
शिवपाल यादव ने कहा-मैंने पहले भी कहा था उन्होंने (अखिलेश यादव) कभी हमसे वोट नहीं मांगा. कभी हमसे बात नहीं की. जब यशवंत सिन्हा यहां आए तब भी हम से बात नहीं की, ना ही किसी मीटिंग में बुलाया. मुझे मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) की तरफ से डिनर पर बुलाया गया, मेरा परिचय (द्रौपदी मुर्मू से) कराया गया और मुझसे वोट मांगा गया तो मैंने वोट दिया. विधानसभा चुनाव में भी अगर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमारी बात मानी होती, तो 2022 के नतीजे और ही होते. भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में होती और अखिलेश यादव चीफ मिनिस्टर होते.

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