
राम मंदिर कितना तैयार? जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ट्रस्ट ने तस्वीरें जारी कर दी जानकारी
AajTak
राम मंदिर के निर्माण के बारे में लोगों को जानकारी मिलती रहे. इसलिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समय-समय पर मंदिर निर्माण से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया के जरिए शेयर करता रहता है. अब अक्षय तृतीया के अवसर पर भी ट्रस्ट ने मंदिर के निर्माण की फोटो जारी की हैं.
अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का कितना निर्माण पूरा हो गया है? इस बात की जानकारी उन तस्वीरों से मिल रही है, जो अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी की हैं. इसमें मंदिर का पूरा आकार दिखायी दे रहा है. काफी ऊंचाई से ली गई इन तस्वीरों में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि मंदिर की बाहरी दीवारें बन चुकी हैं और भूतल का पूरा आकार नजर आ रहा है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तस्वीरों को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा है,'रामभक्तों द्वारा शताब्दियों तक किए गए अनवरत संघर्ष की परिणति के रूप में भगवान श्री रामलला का दिव्य मंदिर अब आकार लेता दिख रहा है, जय श्री राम!.' तस्वीरों के साथ एक विडियो भी जारी किया गया है. विडियो में ग्राउंड फ्लोर का निर्माण कार्य अंदर से दिखाया गया है.
चल रहा है ग्राउंड फ्लोर का काम
राम मंदिर ट्रस्ट समय-समय पर तस्वीरें जारी कर मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारी लोगों को देता रहता है. इसके पीछे ट्रस्ट की यह भावना है कि असंख्य लोगों के आराध्य रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण लोग देख सकें. भूतल पर स्तम्भ और दीवारों से बने मंदिर के आकार को ऊपर से देखा जा सकता है. अब ग्राउंड फ्लोर की छत बनाई जा रही है. मंदिर स्थल पर निर्माण एजेंसी के लोग काम करते हुए देखे जा सकते हैं. भूतल (ग्राउंड फ्लोर) के स्तम्भों पर बीम (beam) डालने का काम चल रहा है.
पहले भी जारी की जा चुकी हैं तस्वीरें

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









