
राजस्थान संकट पर अशोक गहलोत को क्लीन चिट, पर्यवेक्षकों ने सोनिया गांधी को सौंपी रिपोर्ट
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राजस्थान राजनीतिक संकट पर पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेज दी गई है. इस रिपोर्ट में सियासी संकट के लिए अशोक गहलोत को जिम्मेदार नहीं ठहराते हुए क्लीन चिट देने की बात सामने आई है. साथ ही पर्यवेक्षकों से अलग दूसरी बैठक बुलाने वाले प्रमुख नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है.
Rajasthan Political Crisis: राजस्थान राजनीतिक संकट पर कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेज दी है. इस रिपोर्ट में सियासी संकट के लिए अशोक गहलोत को जिम्मेदार नहीं ठहराते हुए क्लीन चिट देने की बात सामने आई है. साथ ही पर्यवेक्षकों से अलग दूसरी बैठक बुलाने वाले प्रमुख तीन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
राजस्थान में कांग्रेस विधायक सचिन पायलट को सीएम बनाने का विरोध कर रहे थे. विरोध को खत्म करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था. लेकिन विधायकों ने पर्यवेक्षकों की बातें मानने से इनकार कर दिया था. साथ ही अजय माकन पर सचिन पायलट के लिए लॉबी करने का आरोप लगाया था. गहलोत गुट के विधायकों ने कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर एक बैठक भी बुला ली थी. इसपर पर्यवेक्षकों ने आपत्ति जताई थी.
फिर दिल्ली आकर मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन सोनिया गांधी से मिले थे. यहां सोनिया गांधी ने दोनों से लिखित रिपोर्ट देने को कहा था. खड़गे और माकन ने बताया था कि विधायकों ने उनके सामने तीन शर्त रखी हैं. पहली यह कि 19 अक्टूबर के बाद राजस्थान सीएम पर फैसला हो. मतलब कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजे आने के बाद. दूसरी शर्त थी कि कांग्रेस विधायकों से ग्रुप में एकसाथ बात की जाए. उनसे अलग-अलग बात ना हो. तीसरी शर्त थी कि राजस्थान में सीएम गहलोत कैंप का होना चाहिए.
यहां पायलट का सीधा-सीधा विरोध देखने को मिला था. गहलोत गुट के ज्यादातर विधायक पायलट के खिलाफ हैं. उनका कहना है कि पायलट ने गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश की थी. इसलिए उनको सीएम नहीं बनने दिया जा सकता.
गहलोत ने की सोनिया गांधी से बात
राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच सीएम अशोक गहलोत ने आज मंगलवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात भी की. गहलोत ने सोनिया से कहा कि मैं कभी कांग्रेस हाईकमान को चुनौती नहीं दूंगा. इस बातचीत में गहलोत ने साफ कहा है कि उनको हाईकमान का फैसला मंजूर होगा. इससे मतलब निकलता है कि अगर सचिन पायलट को राजस्थान सीएम बनाया जाता है तो वह विरोध नहीं करेंगे.

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