
राजभवन में लगी अपनी प्रतिमा का बंगाल के गवर्नर ने खुद किया अनावरण, विवाद के बाद दी सफाई
AajTak
गवर्नर कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मूर्ति का अनावरण गवर्नर द्वारा नहीं किया गया था, बल्कि यह मूर्ति कलाकार और भारतीय संग्रहालय द्वारा भेंट के रूप में दी गई थी. इसके बावजूद, इस घटना ने एक राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जहां यह सवाल उठाया जा रहा है कि कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए अपनी मूर्ति कैसे लगा सकता है.
पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस का शनिवार को दो साल का कार्यकाल पूरा हुआ. इस मौके पर राजभवन में अपनी ही मूर्ति का अनावरण करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. कई लोग इसे आत्मप्रशंसा का उदाहरण मानते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं. हालांकि, इस मामले पर अब राज्यपाल ऑफिस का बयान सामने आया है.
गवर्नर कार्यालय ने क्या कहा...
गवर्नर कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मूर्ति का अनावरण गवर्नर द्वारा नहीं किया गया था, बल्कि यह मूर्ति कलाकार और भारतीय संग्रहालय द्वारा भेंट के रूप में दी गई थी. इसके बावजूद, इस घटना ने एक राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जहां यह सवाल उठाया जा रहा है कि कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए अपनी मूर्ति कैसे लगा सकता है.
यह भी पढ़ें: हमारे पास कोई जानकारी नहीं है कि बंगाल राजभवन वक्फ संपत्ति है: बंगाल वक्फ बोर्ड
टीएमसी ने की आलोचना
बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी गवर्नर की आलोचना की है. पार्टी के प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा, "आज बंगाल में एक अजीब घटना हुई है, गवर्नर सी.वी. आनंद बोस ने अपनी मूर्ति का उद्घाटन किया है, जो कुछ सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया लगता है. सवाल यह है कि अगला कदम क्या होगा? क्या वह अपनी मूर्ति पर खुद फूल चढ़ाएंगे? यह एक प्रकार की महा-अहमियत का प्रतीक है."

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.










