
रफ्तार का कहर... कार ड्राइवर ने कई वाहनों को मारी टक्कर, 10 लोग घायल
AajTak
डोंबिवली में नशे की हालत में एक कार चालक ने जमकर उत्पात मचाया. उसने कार पर नियंत्रण खो दिया और कई वाहनों को टक्कर मारी. इसमें 10 लोग घायल हो गए. इसके साथ ही कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है. आक्रोशित लोगों ने चालक को पकड़कर जमकर पीटा. इसके बाद पुलिस को सौंप दिया.
महाराष्ट्र के डोंबिवली की सड़कों पर नशे की हालत में इनोवा कार चला रहे एक ड्राइवर की वजह से अफरा-तफरी मच गई. उसने अलग-अलग सड़कों पर करीब 12 वाहनों को टक्कर मारी. इसमें 10 लोग घायल हो गए हैं. लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए नशे में धुत ड्राइवर को पकड़ लिया और जमकर पीटा. इसके बाद विष्णुनगर पुलिस को सौंप दिया.
गौरतलब है कि डोंबिवली के नवापाड़ा, महाराष्ट्रनगर, उमेशनगर इलाके में बीती रात एक शख्स गाड़ी चला रहा था. बहुत अधिक शराब पीने की वजह से उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और सबसे पहले अपने सामने आ रहे रिक्शे वाले को टक्कर मारी. इसके बाद दोपहिया, कई कार और राहगीरों को टक्कर मारी.
तेज रफ्तार कार की वजह से मची अफरा-तफरी
सड़क पर दौड़ रही तेज रफ्तार कार की वजह से लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे. इसके बाद लोगों ने मिलकर कार ड्राइवर को पकड़ने में कामयाबी हासिल की. फिर उसे जमकर पीटा और पुलिस को सौंप दिया.
कार की टक्कर से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए
बताया जा रहा है कि कार की टक्कर से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इसके साथ ही टक्कर मारने वाले वाहन का आगे का हिस्सा भी टूटा गया है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की जांच कर रही है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






