
योगी ने 2022 के एजेंडे पर बनाया रोडमैप, देर रात तक चली मैराथन मीटिंग में 300 पार का दिया नारा
AajTak
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ अच्छा काम कर रहे हैं. जयपुर पहुंचे अरुण सिंह ने आजतक से बात करते हुए साफ किया कि विधानसभा चुनाव तक उन्हें बदला नहीं जाएगा.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए दिन गहमागहमी भरा रहा. यूपी बीजेपी में पूरे दिन हलचल रही. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बीजेपी कोर कमेटी की देर रात तक चली बैठक में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप पर चर्चा की गई. साथ ही बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि अगले साल के चुनाव में पार्टी का संगठन 300 पार के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा. सीएम के साथ कोर टीम की मीटिंग में आगामी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई. बीजेपी नेता अरुण सिंह ने साफ किया है कि योगी आदित्यनाथ ही विधानसभा चुनाव में सीएम कैंडिडेट होंगे. बीएल संतोष और राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक के बाद अब यूपी बीजेपी कार्यालय पर हलचल बढ़ गई है.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









