
गुजरात में पेट्रोल-डीजल पंपों पर लंबी कतारें, CM भूपेन्द्र पटेल बोले- अफवाह से दूर रहें लोग
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गुजरात में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह के बाद पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है. सरकार ने साफ किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है.
गुजरात में पिछले 24 घंटों के दौरान पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह ने लोगों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है. सोशल मीडिया पर फैली इस खबर के बाद राज्य के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं. लोगों ने बिना पुष्टि के ही अपनी गाड़ियों के टैंक फुल कराने के लिए पंपों का रुख किया, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
स्थिति को देखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने लोगों से अपील की है कि वो किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह कतारों में खड़े न हों. उन्होंने साफ कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है और सभी को पर्याप्त मात्रा में ईंधन मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी को कोई परेशानी न हो.
सोशल मीडिया की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जब हम सभी साथ हैं, तो किसी को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी. उन्होंने विकसित गुजरात के लिए मिलकर काम करने का भी संदेश दिया और लोगों से सहयोग की उम्मीद जताई.
इससे पहले राज्य के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी लोगों से अफवाहों से दूर रहने और पैनिक बाइंग न करने की अपील की थी. हालांकि, सरकार की लगातार अपील के बावजूद लोगों की भीड़ पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रही है. सोमवार रात भी कई जगहों पर लंबी कतारें लगी रहीं और आज सुबह भी इन कतारों में पूरी तरह से कमी नहीं आई है.
मंगलवार सुबह जब लोग अपने ऑफिस के लिए निकले, तब भी कई लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचे. हालांकि, आज की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है और पंप संचालकों ने व्यवस्था बनाते हुए लोगों को कतार में खड़ा कर बारी-बारी से पेट्रोल और डीजल देना शुरू किया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और अफरा-तफरी की स्थिति से बचा जा सके.

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