
'ये मेरे लिए काफी निजी...', कोहली के संन्यास पर सचिन तेंदुलकर ने किया 12 साल पुराने 'धागे' का जिक्र
AajTak
सचिन तेंदुलकर जब टेस्ट क्रिकेट से विदा ले रहे थे तब विराट कोहली को उनका वारिस माना जा रहा था और सोमवार को जब कोहली ने इस प्रारूप को अलविदा कहा तो ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने उनके बीच एक धागे के बंधन को याद किया.
विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया. उनके इस फैसले के बाद कई दिग्गज सितारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इसी बीच सचिन तेंदुलकर की पोस्ट वायरल हो रही है. सचिन तेंदुलकर जब टेस्ट क्रिकेट से विदा ले रहे थे तब विराट कोहली को उनका वारिस माना जा रहा था और सोमवार को जब कोहली ने इस प्रारूप को अलविदा कहा तो ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने उनके बीच एक धागे के बंधन को याद किया.
12 साल पहले तेंदुलकर मुंबई में अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे थे जब 24 वर्ष के कोहली अपने आदर्श क्रिकेटर के पास आए. कोहली ने उस समय टेस्ट कैरियर में शुरुआती कदम ही रखे थे.
तेंदुलकर ने कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद एक्स पर पोस्ट में लिखा,‘तुमने मुझे तुम्हारे दिवंगत पिता से मिला धागा तोहफे में दिया था. यह मेरे लिए काफी निजी चीज थी, लेकिन तुम्हारी भावना ने मुझे छू लिया और आज तक उसे भूल नहीं पाया हूं.’
उन्होंने कहा,‘मेरे पास बदले में देने के लिए धागा नहीं है, लेकिन मेरी प्रशंसा और शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं. तुम्हारी असल विरासत असंख्य युवा क्रिकेटरों को खेल को चुनने के लिये प्रेरित करना रही है.’ कोहली के पिता का उस समय निधन हो गया था जब उनकी उम्र बहुत कम थी.
यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग में लेफ्टिनेंट राजीव घई ने विराट कोहली का किया जिक्र, एशेज सीरीज का सुनाया किस्सा
तेंदुलकर के प्रति कोहली का सम्मान किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने 2011 विश्व कप में खिताबी जीत के बाद मैदान का चक्कर लगाते समय उन्हें कंधे पर बिठाया था. इसके बाद उन्होंने कहा था,‘सचिन तेंदुलकर ने 21 साल तक पूरे देश की अपेक्षाओं का बोझ उठाया और अब हमारी बारी है कि उन्हें कंधे पर बिठाएं.’

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












