
यूपी: पूर्वांचल में गांधीवादी युवाओं की ‘मनरेगा बचाओ’ यात्रा, कहा- सरकार पुरानी रोज़गार गारंटी बहाल करे
The Wire
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बीते महीने अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्र, युवा गांधीवादी कार्यकर्ताओं समेत नागरिक समाज के लोग साइकिल से 'मनरेगा बचाओ यात्रा' पर निकले थे. इनका कहना है कि नई योजना में सरकार ने सिर्फ नाम नहीं बदला है, बल्कि इसके स्वरूप और बजट की रूपरेखा भी बदल दी गई है.
नई दिल्ली: ‘भइया जब सइ दिन में बीसो दिन काम न मिलत रहल ह, त अब 125 के बड़का बात कइके का गरीब आदमी के भरमावता लो.’ (जब 100 दिन में से 20 दिन भी काम नहीं मिलता, तो अब 125 दिन की बड़ी बात कहके क्यों गरीब लोगों को गुमराह कर रहे हैं.)
ये बातें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में ‘मनरेगा बचाओ’ यात्रा पर साइकिल से निकले गांधीवादी युवाओं से गांव की महिलाओं ने कहीं. इन महिलाओं को सरकार की नई रोज़गार योजना ‘वीबी- जी राम जी’ के बारे में कोई खास जानकारी नहीं है.
मालूम हो कि केंद्र की मोदी सरकार 20 सालों से चले आ रहे मनरेगा कानून (महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट) की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी- जी राम जी’ अधिनियम लेकर आई है.
इस नई योजना का विरोध संसद से लेकर सड़क तक देखने को मिला है. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में बीते एक महीने से अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्र, युवा गांधीवादी कार्यकर्ता समेत नागरिक समाज के लोग साइकिल से एक महीने की मनरेगा बचाओ यात्रा पर निकले थे.
17 जनवरी से शुरू हुई इस यात्रा में शामिल युवाओं का कहना है कि अपनी यात्रा के दौरान वे छह ज़िले गोरखपुर देवरिया, बलिया, मऊ, गाज़ीपुर के 250 से अधिक गांवों तक पहुंचे. इन लोगों ने 1,100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की. वे हर दिन 7-8 गांव और 3-4 बड़े बाज़ारों में जाते थे, जहां ये लोग मनरेगा से जुड़ी जानकारी वाला पर्चा बांटते थे.
उनका कहना है कि इस यात्रा को ग्रामीण लोगों का पूरा समर्थन मिला और ये उनके सहयोग से ही पूरी हुई.

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लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

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