
ईरान पर हमले का असर: भारत में गैस की कमी से होटल-रेस्तरां परेशान, एशियाई देशों ने ऊर्जा बचत के क़दम उठाए
The Wire
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर संकट छाने लगा है. भारत ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति नियंत्रित कर प्राथमिकता तय की है, जबकि कई शहरों में होटल-रेस्तरां गैस संकट से जूझ रहे हैं. एशिया के कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए आपात क़दम उठाए हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों से शुरू हुए संघर्ष का असर अब दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है. भारत समेत कई एशियाई देशों को ईंधन और गैस की आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते सरकारों को आपात कदम उठाने पड़ रहे हैं.
भारत में प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर नियंत्रण
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करने का फैसला किया है.
9 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि एलएनजी और री-गैसीफाइड एलएनजी समेत प्राकृतिक गैस के उत्पादन, वितरण और विभिन्न क्षेत्रों में आवंटन को नियंत्रित किया जाएगा ताकि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
सरकार ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलएनजी शिपमेंट बाधित हो गया है और कुछ आपूर्तिकर्ताओं ने ‘फोर्स मेज्योर’ लागू कर दिया है. ऐसे में गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर मोड़ा जाएगा.
सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए चार प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं-

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





