
मणिकर्णिका घाट एएसआई के अधीन ‘संरक्षित स्मारक नहीं’ है: संसद में सरकार ने बताया
The Wire
लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.
नई दिल्ली: सरकार ने संसद में दी जानकारी में बताया है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्राचीन मणिकर्णिका घाट भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अंतर्गत संरक्षित स्मारक नहीं है.
मालूम हो कि घाट पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर विवाद के बीच सरकार का यह बयान सामने आया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (9 मार्च) को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि घाट पर चल रहा कार्य ‘घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से एक जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना है.’
इस संबंध में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने सवाल उठाया था कि क्या ‘परिवर्तन’ के नाम पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण मणिकर्णिका घाट अपनी ऐतिहासिक और पौराणिक मौलिकता खो रहा है.
उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या सरकार ने इसके पुरातात्विक महत्व को हुए नुकसान के संबंध में कोई स्वतंत्र ऑडिट कराया है.
शेखावत ने जवाब में कहा, ‘मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. हालांकि, जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी की जानकारी के अनुसार घाट पर चल रहा कार्य पुनरुद्धार और संरक्षण परियोजना है, जिसका मकसद घाट की मजबूती को बहाल करना और अंतिम संस्कार करने आने वाले परिवारों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है, साथ ही गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना है.’

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

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