
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना कारण बताए जामिया मस्जिद बंद कर दी: मीरवाइज़ उमर फ़ारूक
The Wire
श्रीनगर स्थित 14वीं सदी की जामिया मस्जिद के प्रबंधन का कहना है कि इस मस्जिद में लगातार सातवें साल ईद की नमाज़ पर प्रतिबंध लगाया गया है. मुख्य धार्मिक नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने कहा कि शुक्रवार सुबह बिना कारण बताए सुरक्षा बलों ने कश्मीर की सबसे बड़ी मस्जिद के दरवाज़े चारों तरफ से बंद कर दिए.
श्रीनगर: कश्मीर के मुख्य धार्मिक नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने शुक्रवार (13 मार्च) को कहा कि प्रशासन ने श्रीनगर के पुराने शहर में स्थित जामिया मस्जिद को बिना कोई कारण बताए नमाज़ियों के लिए बंद कर दिया है.
इज़रायल के सबसे पवित्र शहर यरुशलम में चल रहे रमज़ान के महीने के दौरान अल-अक्सा मस्जिद को बंद किए जाने की घटना से तुलना करते हुए मीरवाइज़ ने कहा कि शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों ने कश्मीर की सबसे बड़ी मस्जिद के दरवाज़े ‘चारों तरफ से’ बंद कर दिए.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘जिस तरह इज़रायल ने रमज़ान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे जबरन बंद कर दिए हैं, उसी तरह की एक दर्दनाक हकीकत यहां भी देखने को मिल रही है. हमारे दिल रो रहे हैं. उन लोगों पर शर्म आती है जो अल्लाह के घरों को उसके बंदों के लिए बंद कर देते हैं.’
मीरवाइज ने कहा कि श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित इस ऐतिहासिक मस्जिद में रमज़ान के आखिरी शुक्रवार को कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग नमाज़ अदा करने आते हैं.
उन्होंने कहा, ‘लगातार सातवें साल शासकों ने मुसलमानों को यहां नमाज़ पढ़ने की अनुमति देने से इनकार किया है.’
ज्ञात हो कि मस्जिद ने 5 अगस्त, 2019, जब से जम्मू-कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है, के बाद से किसी भी ईद की नमाज़ नहीं हुई है.

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