
एलपीजी बुकिंग में क़रीब 10 लाख की गिरावट, गैस पाइपलाइन वाले घरों के एलपीजी कनेक्शन रखने पर रोक
The Wire
गैस आपूर्ति की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने पीएनजी कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखने या लेने पर रोक लगा दी है. वहीं, 14 मार्च को एलपीजी बुकिंग में 13 मार्च के मुक़ाबले 10 लाख की गिरावट दर्ज की गई. इसी बीच, गैस की आपूर्ति में बाधा आने के कारण गुजरात में औद्योगिक गैस खपत पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, इसके चलते कई कारखानों को उत्पादन घटाने के लिए मजबूर हैं.
नई दिल्ली: देशभर में गैस आपूर्ति की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखने या लेने पर रोक लगा दी है. यह आदेश शनिवार (14 मार्च) को एक राजपत्र अधिसूचना के जरिए जारी किया गया.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी यह आदेश द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) संशोधन आदेश, 2026 के रूप में पारित किया गया है और यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.
अधिसूचना में कहा गया है, ‘जिस व्यक्ति के पास पीएनजी कनेक्शन है और उसके पास घरेलू एलपीजी कनेक्शन भी है, वह घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेगा और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके वितरकों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल ले सकेगा.’
मंत्रालय ने ऐसे उपभोक्ताओं से, जिनके पास पीएनजी कनेक्शन के साथ एलपीजी सिलेंडर भी है, अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन तुरंत छोड़ने को कहा है. अधिसूचना में यह भी कहा गया है, ‘ऐसे व्यक्तियों को अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन तत्काल प्रभाव से त्यागना करना होगा.’
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों के पास पीएनजी कनेक्शन है, वे नया एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे.
सरकार ने तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें घरेलू एलपीजी कनेक्शन या सिलेंडर की रीफिल उपलब्ध न कराई जाए. यह प्रावधान आदेश की अनुसूची-1 के तहत संशोधित नियम के रूप में जोड़ा गया है.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

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