
चीन के सामने ‘सुनियोजित आत्मसमर्पण’: प्रेस नोट-3 वापस लेने पर मोदी सरकार पर विपक्ष का हमला
The Wire
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों – मुख्य रूप से चीन – से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले अन्य देशों में बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं.
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. इस निर्णय को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इसे चीन के सामने ‘सुनियोजित आत्मसमर्पण’ करार दिया है.
रमेश ने कहा, ‘चीन से एफडीआई के नियमों में ढील देने का मोदी सरकार का फैसला आश्चर्यजनक नहीं है. यह उस ‘सुनियोजित आत्मसमर्पण’ का ही हिस्सा है, जिसमें 19 जून 2020 को खुद प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को क्लीन चिट दे दी थी, जब पूर्वी लद्दाख में 20 जवान शहीद हुए थे.’
विपक्ष का आरोप है कि ‘भारत-चीन संबंधों को चीन की शर्तों पर सामान्य किया जा रहा है,’ जबकि 2025 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 115 अरब यूएस डॉलर से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. विपक्ष का यह भी आरोप है कि मोदी सरकार ने लद्दाख के देपसांग, डेमचोक और चुमार इलाकों में गश्त के अधिकार गंवाने को भी स्वीकार कर लिया है.
चीन के साथ 2020 में सीमा पर तनाव के बाद विपक्ष लगातार सरकार से सवाल करता रहा है. खासकर इस बात को लेकर कि अगस्त 2020 में पूर्वी सीमा पर चीन के आक्रामक रुख और टैंकों की तैनाती के दौरान प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख को क्या राजनीतिक दिशानिर्देश दिए थे. यह स्थिति उस समय बनी थी जब गलवान घाटी में झड़प के दौरान भारत के 20 सैनिक शहीद हो चुके थे.
प्रेस नोट 3 क्या था?

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





