
भारत में एलपीजी को लेकर चिंता: कई शहरों में लंबी क़तारें, बुकिंग बढ़ी; सरकार ने कमी से किया इनकार
The Wire
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारत के कई हिस्सों में रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर चिंता बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
हालांकि, केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की कोई व्यापक कमी नहीं है और यह स्थिति मुख्य रूप से घबराहट में बढ़ी बुकिंग, स्थानीय वितरण समस्याओं और पाबंदियों की वजह से पैदा हुई है.
दिल्ली-एनसीआर: एजेंसियों के बाहर कतारें, घबराहट में बढ़ी खरीद
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर एलपीजी एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. नोएडा के सेक्टर-22 स्थित एक भारत गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लेकर खड़े उपभोक्ताओं की भीड़ सोमवार को दिखाई दी.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बर्डपुर गांव का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सैकड़ों लोग गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लेकर बैठे दिखाई दिए.
नोएडा के निवासी नरेंद्र कुमार ने इंडिया टुडे डिजिटल से कहा कि उन्होंने पांच दिन पहले सिलेंडर बुक किया था लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं मिली. उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध की खबरों के कारण भी लोग चिंतित हैं और एजेंसी रविवार को बंद होने से भीड़ और बढ़ गई.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





