
'यहां के शासकों के बारे में मोहम्मद तुगलक जैसी धारणा', नोटबंदी पर रामगोपाल यादव ने मोदी सरकार को घेरा
AajTak
केंद्र सरकार ने 2000 के नोट को बंद करने का फैसला किया है. अब सपा सासंद राम गोपाल यादव ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ''हम सब पढ़ते थे इतिहास में, दिल्ली से दौलताबाद, दौलताबाद से दिल्ली राजधानी बदली, मोहम्मद तुगलक ने. जिस तरह मोहम्मद तुगलक के बारे में जैसे लोग पहले सोचते थे , वही धारणा अब यहां के शासकों के बारे में बन गई है.''
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने 2000 के नोट बंद करने के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, कर्नाटक में ये लोग (बीजेपी) बुरी तरह से हार गए हैं, उससे लोगों का ध्यान हटाने के लिए 2000 के नोट बंद किए. इतना ही नहीं सपा सांसद ने राजधानी बदलने के फैसले का जिक्र कर कहा, जिस तरह मोहम्मद तुगलक के बारे में लोग सोचते थे, वैसी ही धारणा अब यहां के शासकों के बारे में बन गई है.
राम गोपाल यादव ने कहा, ''हम सब पढ़ते थे इतिहास में, दिल्ली से दौलताबाद, दौलताबाद से दिल्ली राजधानी बदली, मोहम्मद तुगलक ने. वहां पानी नहीं था पीने का फिर वापस आ गया. जिस तरह मोहम्मद तुगलक के बारे में जैसे लोग पहले सोचते थे , वही धारणा अब यहां के शासकों के बारे में बन गई है.''
'2000 के नोट की छपाई में 1500 करोड़ बर्बाद किए'
सपा सांसद ने कहा, 2000 के नोट की छपाई में 1500 करोड़ रुपये लगे थे. अब ये दोबारा छपेंगे. हजारों करोड़ रुपये बर्बाद कर रहे हैं. इन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा, क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए? ये लोग किंकर्तव्यविमूढ़ हो गए हैं. राम गोपाल यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ये सिर्फ (नोटबंदी) इसलिए किया है कि कर्नाटक में बुरी तरह से हार गए हैं, उससे लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं. ये तो इस तरह से है कि दूसरे की अठेन करने के लिए अपनी आंख फोड़ लो. ये लोग देश को बर्बाद कर रहे हैं.
केंद्र ने 2000 के नोट किए बंद
मोदी सरकार ने 2016 में नोटबंदी की थी. तब 500 और 1000 के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार 500 और 2000 के नए नोट लाई थी. अब केंद्र सरकार ने एक बार फिर नोटबंदी करते हुए 2000 के नोट बंद करने का ऐलान किया है. 23 मई से लेकर 30 सितंबर 2023 के बीच 2000 रुपये के नोट आसानी से बदले जा सकते हैं.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






