
मोदी पर कटाक्ष के चक्कर में 'इंदिरा की हार’ का जिक्र कर प्रियंका ने तो राहुल को ही फंसा दिया!
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भाई के लिए वोट मांगते वक्त प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी दादी इंदिरा गांधी की हार का खास तौर पर जिक्र किया है. प्रियंका के निशाने पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे, लेकिन आंच सीधे राहुल गांधी तक पहुंची है - अमेठी की जनता ने भी तो 2019 में वही किया, जो रायबरेली के लोगों ने 1977 में किया था.
राहुल गांधी के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली में डेरा डाल चुकी हैं. और रायबरेली से ही अमेठी की भी कमान संभाल रही हैं. अमेठी से कांग्रेस उम्मीदवार केएल शर्मा को वो बीजेपी की स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनाव लड़ा रही हैं - और भाई को जिताने के लिए अपने हिसाब से सारे जतन कर रही हैं.
राहुल गांधी की जीत का रास्ता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखते हुए ही गुजरता है. मोदी पर हमले के लिए वो अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र कर डालती हैं. इंदिरा गांधी का जिक्र तो स्वाभाविक ही है, क्योंकि माना जाता है कि प्रियंका गांधी अपनी दादी इंदिरा गांधी जैसी ही दिखती हैं.
अब संयोग कहें या प्रयोग, रायबरेली में इंदिरा गांधी की हार की बात होते ही राहुल गांधी यूं ही चपेट में आ जाते हैं. आखिर 2019 में भी अमेठी के लोगों ने फैसला तो वैसा ही सुनाया था, जैसा 1977 में रायबरेली के लोगों ने. दोनों फैसलों में फर्क सिर्फ ये था कि एक फैसला तत्कालीन प्रधानमंत्री के खिलाफ था.
फर्क तो प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के लोगों के प्रति व्यवहार में साफ साफ नजर आता है. प्रियंका गांधी जहां भी जाती हैं, गाड़ी से उतर कर लोगों के बीच चली जाती है. राहुल गांधी न्याय यात्रा के दौरान अमेठी पहुंचे तो जगह जगह स्वागत का इंतजाम था, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी ये काफी अजीब लगा था कि राहुल गांधी गाड़ी से उतरने को तैयार ही नहीं थे.
चुनाव कैंपेन में प्रियंका गांधी अपने तरीके से सोनिया गांधी की चिट्ठी की बातों को ही आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद सोनिया गांधी ने एक चिट्ठी लिख कर रायबरेली के लोगों से रिश्ते की बात की थी, प्रियंका गांधी रिश्तों की दुहाई देते हुए उन बातों को नेहरू के जमाने तक ले जाती हैं - और इंदिरा गांधी का प्रसंग लाकर उनकी हार का खासतौर पर जिक्र करती हैं.
रिश्ते की उसी डोर को मजबूत करने के लिए प्रियंका गांधी जगह-जगह रुक कर अम्मा, चाची, भैया, बहन बोल कर लोगों से कनेक्ट होने की कोशिश करती हैं, और हाल चाल पूछती हैं. और कहीं कहीं तो लोगों की भीड़ देखकर गाड़ी में ही खड़े होकर भाषण देने लगती हैं.

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