
'मोदी जी, 9 साल में ढाई गुना से ज्यादा कर्ज कैसे बढ़ गया?' कांग्रेस का केंद्र पर हमला
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कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश में जीडीपी से भी 20 प्रतिशत कर्ज क्यों लिया जा रहा है. और कर्ज का फायदा आम लोगों को फायदा क्यों नहीं मिल रहा है. देश पर पौने तीन गुना कर्ज बढ़ गया है. आजादी से 2014 तक 55 लाख करोड़ रुपए कर्ज था. लेकिन, 2014 के बाद अब तक 155 लाख करोड़ कैसे हो गया है.
कांग्रेस ने सालाना बजट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि मोदी सरकार 9 दिन बाद आखिरी बजट पेश करने जा रही है. देश में कर्ज की स्थिति इतनी भयानक बन चुकी है कि आपको जानकर ताज्जुब होगा. उन्होंने कहा- भारत में प्रत्येक व्यक्ति पर 1 लाख 9 हजार का कर्ज है. यह कर्ज आपने या मैंने नहीं, सरकार ने लिया है. ये जो कर्ज लिया है वो आर्थिक विकास में नहीं लग रहा है. इसका फायदा भी हमें नहीं मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन की वजह से हमारी ग्रोथ घटी है. ताज्जुब की बात है कि 5 फीसदी लोगों के पास 60 फीसदी पैसा है. 50 फीसदी से नीचे वालों के पास सिर्फ 3 फीसदी पैसा है. ऐसा भी नहीं है कि जिनके पास ज्यादा संपत्तियां हैं, वो ज्यादा टैक्स देते हैं. 50 फीसदी से नीचे के लोगों को 64 फीसदी जीएसटी देना पड़ता है. जो शीर्ष 5 प्रतिशत हैं और जिनके पास 60 प्रतिशत संपत्ति है, वो जीएसटी में सिर्फ 3 प्रतिशत का योगदान करते हैं.
'कर्ज का फायदा चंद लोगों को मिल रहा है'
उन्होंने कहा- 2014 में जब मोदी जी सत्ता में आए थे, तब देश पर 55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन पिछले 9 वर्षों में यह बढ़कर 155 लाख करोड़ रुपये हो गया है. कांग्रेस ने पूछा- मोदीजी ऐसा क्या हुआ जो 9 साल में ढाई गुना से ज्यादा कर्ज बढ़ गया है. ये पैसा किसके उपयोग में आया है, उसका भी ब्यौरा दे देता हूं. दुनिया में सबसे ज्यादा गरीब हमारे देश में रहते हैं. उस कर्ज का फायदा चंद लोगों को मिल रहा है. बाकी लोगों की आय घटती जा रही है.
उन्होंने कहा कि देश में आय असमानता बढ़ रही है. जब भारत का कर्ज बढ़ रहा है, इसका उपयोग लोगों के कल्याण के लिए नहीं किया जा रहा है. इसका उपयोग कुछ लोगों के लिए किया जा रहा है. अन्य आपातकालीन अर्थव्यवस्थाओं में, ऋण का जीडीपी से अनुपात 64 प्रतिशत है, भारत 83 प्रतिशत का ऋण अनुपात है. मोदीजी, आप कर्ज क्यों जमा कर रहे हैं?
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