
'मैं शायद पहला आदमी हूं जिसे अवमानना के लिए इतनी बड़ी सजा मिली', अमेरिका में बोले राहुल गांधी
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राहुल ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन में कहा, ''अभी मैंने अपना परिचय सुना. इसमें मुझे पूर्व सांसद कहा गया. राहुल ने कहा, जब मैंने 2004 में राजनीति शुरू की थी, तो कभी नहीं सोचा था कि देश में कभी ऐसा देखूंगा, जो अभी हो रहा है.''
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर हैं. राहुल ने गुरुवार को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने अपनी लोकसभा सदस्यता रद्द होने पर अपनी बात रखी. राहुल ने कहा, मैं शायद भारत में मानहानि के मामले में सबसे ज्यादा सजा पाने वाला व्यक्ति हूं. उन्होंने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि कभी ऐसा कुछ होगा.
राहुल ने कहा, ''अभी मैंने अपना परिचय सुना. इसमें मुझे पूर्व सांसद कहा गया. राहुल ने कहा, जब मैंने 2004 में राजनीति शुरू की थी, तो कभी नहीं सोचा था कि देश में कभी ऐसा देखूंगा, जो अभी हो रहा है.''
हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे- राहुल
राहुल ने लोकसभा सदस्यता रद्द होने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि लेकिन मुझे लगता है कि अब मेरे पास बड़ा अवसर है. शायद उस अवसर से बड़ा जो मुझे संसद में बैठकर मिलता. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ये ड्रामा 6 महीने पहले शुरू हुआ था. भारत में विपक्ष संघर्ष कर रहा है. संस्थानों पर बीजेपी का कब्जा है. हम इससे लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं. जब हमने देखा कि कोई भी संस्थान हमारी मदद नहीं कर रहा है, तब हम सड़कों पर गए और इसलिए भारत जोड़ी यात्रा हुई.
कश्मीर पर क्या बोले राहुल गांधी? राहुल गांधी ने दावा किया, ''उन्होंने (प्रशासन ने) मुझसे कहा कि देखो अगर तुम कश्मीर जाओगे और 4 दिन पैदल चलोगे तो हो सकता है कि तुम मारे जाओ लेकिन मैंने उनसे कहा कि ऐसा हो जाने दो. मैं देखना चाहता था कि कौन मुझपर ग्रेनेड फेंकेगा.सुरक्षाकर्मी, प्रशासन के लोग मुझे देख रहे थे और मुझे उनका चेहरा देखकर ऐसा लगा कि वे समझ नहीं पाए कि मैं क्या कह रहा हूं? इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे व्यक्ति के पास कितना बल है, लेकिन आपको जीवन में दृढ़ रहना होगा.
राहुल को मानहानि के मामले में मिली 2 साल की सजा

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