
'मैं इंटेलेक्चुअल, लेकिन एंटी इंडियन-एंटी मोदी नहीं', छलका शशि थरूर का दर्द
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि एक बुद्धिजीवी होने के नाते मैं भारत के खिलाफ नहीं हूं. मोदी के प्रति मेरी कोई नफरत नहीं है. मेरा विरोध तो सिर्फ एक सरकार तक सीमित है. उन्होंने कहा कि वह गुजरात और हिमाचल में पार्टी के लिए प्रचार करने के लिए जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया.
कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के बाद शशि थरूर को साइड लाइन कर दिया गया है. पहले उन्हें मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की जगह बनाई गई नई कमेटी में जगह नहीं दी गई, उसके बाद गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर रखा गया. इसको लेकर अब खुद शशि थरूर ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है.
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आजतक से बात करते हुए कहा कि वह बीजेपी के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे. थरूर ने कहा कि वह मोदी विरोधी नहीं हैं, उनका सिर्फ सरकार के खिलाफ विरोध है. उन्होंने कहा कि एक बुद्धिजीवी होने के नाते मैं भारत के खिलाफ नहीं हूं. मोदी के प्रति मेरी कोई नफरत नहीं है. मेरा विरोध तो सिर्फ एक बड़ी सरकार तक सीमित है.
उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई ऐसी योजनाओं को आगे बढ़ाया है जिनकी शुरुआत असल में कांग्रेस द्वारा की गई थी. उन्होंने कहा कि उन योजनाओं के लिए पीएम मोदी की तरफ से एक बार भी कांग्रेस श्रेय नहीं दिया गया. ये अलग बात है कि थरूर ने जनता की जरूरतों को सर्वोपरि बताया.
स्टार प्रचारक नहीं बनाए गए थरूर
थरूर ने कहा है कि मैं निजी तौर पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में पार्टी के लिए प्रचार करना चाहता था, लेकिन मुझे पार्टी ने स्टार प्रचारक की लिस्ट में शामिल नहीं किया. पार्टी को शायद मेरी सर्विस की वहां जरूरत नहीं है. वैसे भी अगर मैं बिना स्टार प्रचारक बने किसी चुनावी राज्य में जाता हूं तो चुनाव आयोग द्वारा एक्शन लिया जा सकता है. उम्मीदवार के खर्चे से पैसे काटे जा सकते हैं. अब थरूर खुद तो चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई है कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा से ब्रेक लेंगे और दोनों ही चुनावी राज्यों में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे.
नई कमेटी से थरूर को किया गया बाहर

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