
मेवात के नूंह में गौ-तस्करों पर ड्रोन से नजर रख रही हरियाणा पुलिस, 5 गांवों पर खास नजर
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मेवात में गौ-तस्करी पर रोक लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है. मंगलवार को नूंह पुलिस ने गौ तस्करी और गोहत्या में शामिल अपराधियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी. इसके लिए तीन स्पेशल टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा.
हरियाणा पुलिस मेवात जिले के खास इलाकों में गौ-तस्करों पर ड्रोन के जरिए नजर रख रही है. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को नूंह जिले के उन पांच गांवों का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया, जहां गौ तस्करी और हत्या में शामिल अपराधियों के संदिग्ध ठिकाने हैं. इस दौरान पुलिस की एक टीम ने संदिग्धों के कुछ घरों में छापेमारी भी की, लेकिन वे फरार हो गए.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नूंह पुलिस ने अब जिले के गांवों में गौ तस्करी और गोहत्या में शामिल अपराधियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी है. इसके अलावा तीन स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है. पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि नूंह में गौ तस्करी और गोहत्या में शामिल अपराधियों की सूची हर थाने और नूंह पुलिस की अपराध इकाई को भेजी गई है.
DSP की अगुवाई में ड्रोन कैमरे से सर्वे
मंगलवार को फिरोजपुर झिरका के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सतीश वत्स के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने ड्रोन कैमरे से पांच गांवों का सर्वे किया. टीम ने इन पांच गांवों में संदिग्धों के घरों पर भी छापेमारी की. अधिकारी ने कहा कि उनके घरों में कोई संदिग्ध नहीं मिला क्योंकि उनके बीच डर का माहौल पैदा हो गया और वे भाग गए. नूंह के एसपी वरुण सिंगला ने कहा, "नूंह पुलिस ने ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी है. स्थानीय लोग भी हमारी काफी मदद कर रहे हैं."
नूंह जिले में गौ-तस्करी की कई घटनाएं
हरियाणा के नूंह इलाके में गौ तस्करी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बाद इलाके में तनाव हो जाता है. इससे बचने के लिए नूंह पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके. बीते फरवरी महीने में भिवानी जिले में गौ तस्करी के आरोप में दो युवकों को जिंदा जला देने की घटना सामने आई थी. इस वारदात को अंजाम देने का आरोप बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं पर लगाया गया था.

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