
'मेरे बहुत से दुश्मन हैं, लेकिन...', अपने विदाई भाषण में बोले MP हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मलिमथ
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी के जैन ने आजतक से बात करते हुए बार के सदस्यों द्वारा सामना की जाने वाली सभी शिकायतों को उजागर किया, जिसके कारण उन्हें 24 मई को मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट समारोह में भाषण देना पड़ा. एडवोकेट जैन हाल ही में 13 मई को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए हैं. उन्होंने इस वर्ष 21 मई को कार्यभार संभाला है.
अक्सर कहा जाता है कि न्याय प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए बार और बेंच के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होती है, लेकिन मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमथ की विदाई के मौके पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपनी पीड़ा व्यक्त की और न्यायाधीश द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कुछ फैसलों से असहमति जताई.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी के जैन ने आजतक से बात करते हुए बार के सदस्यों द्वारा सामना की जाने वाली सभी शिकायतों को उजागर किया, जिसके कारण उन्हें 24 मई को मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट समारोह में भाषण देना पड़ा. एडवोकेट जैन हाल ही में 13 मई को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए हैं. उन्होंने इस वर्ष 21 मई को कार्यभार संभाला है.
जैन ने दावा किया कि हाईकोर्ट के न्यायाधीशों का पूरा तर्क यह देखे बिना कि मामले में न्याय हो रहा है या नहीं, मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करना है. 15 साल पुराने एक मामले का हवाला देते हुए जैन ने कहा कि किस तरह अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही जल्दबाजी में दर्ज की जाती है और बचाव पक्ष को मामले में अपने गवाह पेश करने के लिए उचित समय नहीं दिया जाता.
जैन ने कहा, "मैंने विदाई समारोह में जो कुछ भी कहा है, वह न्यायाधीशों को यह एहसास दिलाने के लिए है कि न्यायपालिका जनता के लिए है और उनके द्वारा जल्दबाजी में किया गया न्याय आमतौर पर वादियों को कोई लाभ नहीं पहुंचा रहा है."
अधिवक्ताओं को अवमानना नोटिस
जैन ने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा लिए गए कुछ नीतिगत निर्णयों पर वकीलों ने अपनी आवाज उठाई और कोर्ट का बहिष्कार करने का फैसला किया, जिसके बाद अदालत ने सभी वकीलों को अवमानना नोटिस जारी किया. पहले अदालतों की छुट्टियां 15 मई से शुरू होकर 15 जून तक होती थीं, लेकिन इस साल छुट्टियां 1 जून तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं.

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