
मेडिकल इमरजेंसी के कारण दुबई-अमृतसर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की कराची में लैंडिंग
AajTak
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा, हमारी दुबई-अमृतसर फ्लाइट में एक यात्री को उड़ान के दौरान (14 अक्टूबर) अचानक मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ गई. चालक दल ने कराची की ओर जाने का विकल्प चुना, क्योंकि यह तत्काल मेडिकल हेल्प देने के लिए निकटतम स्थान था.
दुबई से अमृतसर जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को शनिवार को कराची में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. एक यात्री को मेडिकल सहायता देने के लिए विमान को लैंड कराना पड़ा. एयरलाइन के प्रवक्ता के मुताबिक, कराची में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्री को 'तत्काल चिकित्सा सेवाएं' दी गईं. यात्री का इलाज होने और उड़ान भरने की मंजूरी मिलने के बाद विमान दोपहर 2:30 बजे कराची से अमृतसर के लिए रवाना हुआ.
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा, हमारी दुबई-अमृतसर फ्लाइट में एक यात्री को उड़ान के दौरान (14 अक्टूबर) अचानक मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ गई. चालक दल ने कराची की ओर जाने का विकल्प चुना, क्योंकि यह तत्काल मेडिकल हेल्प देने के लिए निकटतम स्थान था. उड़ान स्थानीय समयानुसार सुबह 08.51 बजे दुबई से रवाना हुई और स्थानीय समयानुसार दोपहर 12.30 बजे कराची में उतरी.
एयरलाइन ने हवाईअड्डे और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय किया, और यात्री को उतरने के बाद तत्काल चिकित्सा सेवाएं दी गईं. कराची में हवाईअड्डे के डॉक्टर ने जरूरी दवाएं दीं और चिकित्सा मूल्यांकन के बाद हवाईअड्डे की चिकित्सा टीम द्वारा उड़ान भरने के लिए मंजूरी दे दी गई.
ऐसी ही एक घटना में जुलाई में हुई थी जब मुंबई से रांची जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान को एक यात्री की मेडिकल आपात स्थिति के कारण नागपुर हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया था. हालांकि, यात्री को उतरने पर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह अपनी बीमारी के कारण दम तोड़ चुका था.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.









