
मायके में बीवी और नशे की लत... गहने बेचकर मां ने शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो बेटे ने मार डाला
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शराब के लिए पैसे न मिलने पर एक बेटे ने अपनी मां की बेरहमी से पिटाई के बाद हत्या कर दी. आरोपी दो महीने पहले शादी के बाद लौटा था. पत्नी के मायके जाने के कारण अवसादग्रस्त था. सहारनपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पवित्र रिश्तों को तार-तार करने वाली हत्या की एक खौफनाक वारदात सामने आई है. नगर कोतवाली थाना क्षेत्र की निर्भयपुरम कॉलोनी में शनिवार देर रात एक व्यक्ति ने शराब खरीदने के लिए पैसे नहीं मिलने पर अपनी 55 वर्षीय मां को बर्बरता पूर्वक पीट-पीट कर मार डाला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक महिला की पहचान आशा देवी के रूप में हुई है. आरोपी का नाम अक्षय है. उसने अपनी मां से शराब खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे. इसके बाद उसने मां से गहने बेचने के लिए कहा, ताकि वह शराब खरीद सके. मां के इनकार करने पर दोनों के बीच बहस हुई. बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्साए अक्षय ने अपनी मां को बुरी तरह पीटा.
उनका सिर कई बार दीवार पर पटक दिया. इस हमले के बाद आशा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं और बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं. आसपास के लोग उनको तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद लोगों ने इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया.
क्षेत्राधिकारी मुनीश चंद ने बताया कि आरोपी अक्षय बिहार से शादी के बाद 15 दिन पहले सहारनपुर लौटा था. दो दिन पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी, जिससे वह अवसादग्रस्त था और अधिक शराब पीने लगा. जब उसके अपने पैसे खत्म हो गए, तो उसने अपनी मां से गहने बेचकर पैसे लाने के लिए कहा था. पुलिस इस घटना के कारण और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
बताते चलें कि कुछ दिन पहले सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र के दूमझेड़ा गांव में भी हत्या की एक वारदात सामने आई थी. यहां अपनी बहन को लेने जा रहे एक भाई को रास्ते में पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया. इस घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संजीव कुमार मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए. इस वारदात की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है.

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