
मानहानि क्या है, इसमें कितनी सजा हो सकती है? पढ़ें वे 10 बातें जब इसके तहत नहीं दर्ज हो सकता केस
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को चार साल पुराने मानहानि के मामले में सूरत की अदालत ने दो साल की सजा सुनाई है. हालांकि, उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई. कांग्रेस का कहना है कि इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी. ऐसे में जानना जरूरी है कि मानहानि क्या होती है? और कब कोई बात को मानहानि के दायरे में नहीं लाया जाता?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि के मामले में दोषी करार दिया गया है. राहुल को 'मोदी सरनेम' पर टिप्पणी को लेकर सूरत की कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है. हालांकि, उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई.
राहुल गांधी को ये सजा चार साल पुराने मामले में मिली है. राहुल ने 'मोदी सरनेम' पर 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक की चुनावी रैली में विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, 'नीरव मोदी, ललित मोदी, नीरव मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?'
राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दायर किया था. इसी पर सीजेएम एचएच वर्मा ने राहुल को सजा सुनाई. हालांकि, सजा के ऐलान के बाद ही उन्हें जमानत भी दे दी गई. साथ ही उनकी सजा को 30 दिन के लिए निलंबित भी कर दिया गया है, ताकि उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका मिल सके.
जिस समय सजा का ऐलान किया गया, उस समय राहुल गांधी अदालत में ही मौजूद थे. सजा के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के एक कथन को शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन.'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ट्विटर पर सरकार को घेरा. उन्होंने लिखा की तानाशाही सरकार डरी हुई है, क्योंकि हम भ्रष्टाचार का उजागर कर रहे हैं. खड़गे ने बताया कि इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी.
ये मानहानि क्या होती है?

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