
'महीनाभर काम में 15 दिन की तनख्वाह, PAK में हम खानदानी गुलाम थे, हमारी बहू-बेटियां उनका खिलौना'
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मई का महीना था, जब बेटे ने आम की फरमाइश की. मैं आम की बाड़ी में काम करता. हाथ उसकी मीठी महक में सने रहते, लेकिन घर तक फल की एक फांक भी नहीं पहुंची. जमींदार ने चेताया था- एक भी फल कम पड़ा तो तनखा (तनख्वाह) काट लूंगा. वे मजदूरी हमसे कराते, लेकिन गिनती अपने लोगों से. जिन पैसों से हम आटा नहीं खरीद पाते थे, उससे भला आम कैसे लेते!
जोधपुर के चोखां इलाके में मेरी एक पीठ से बात हो रही है. विष्णुमल. पाकिस्तान से आए ज्यादातर रिफ्यूजियों की तरह वे भी चेहरा दिखाने को तैयार नहीं. कहते हैं- वीडियो देखकर वहां छूटे हमारे लोगों को और सताया जाता है. जानते हैं कि इनका कोई आसरा नहीं. चाहे जिस हाल में रहें, यहीं रहना है.
मुझे पुराने लोग याद आ गए. कुछ पुराने किस्से. 'ससुराल में कभी भी अपने मायके के दुख मत बताओ वर्ना वहां भी दुख मिलेगा.'
जनवरी में तीर्थयात्रा के नाम पर हरिद्वार पहुंचे विष्णु वहां से होते हुए जोधपुर आ गए. ये राजस्थान का वो इलाका है, जहां भील समुदाय के लोगों की अच्छी-खासी आबादी है. पहले से बसे हुए भी, और नए आ रहे भी. वे कहते हैं- हमने सोचा था, दूध में पानी की तरह मिल जाएंगे. लेकिन यहां तो और उजाड़ दिए गए.
अतिक्रमण हटाने के नाम पर जोधपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जिन रिफ्यूजियों के घर तोड़े, विष्णु का कच्चा मकान उनमें से एक था.
'हम हिंदुओं में घर शगुन होता है. वहां घर छूटा. यहां घर टूटा. पता नहीं, एक जन्म में और कितनी मौत देखनी है.' खाट पर बैठी हुई पीठ हल्के-से कांपती लगती है, मानो सिसक रही हो.

सूरत में शनिवार को शहर के बीचों-बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने बस सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूरत महानगर पालिका की बीआरटीएस बस में बुर्का पहने एक महिला ने बस चालक पर हमला कर दिया. यह घटना बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Dense fog in Delhi NCR has significantly reduced visibility, affecting areas like Noida, Ghaziabad, and Faridabad. Similar conditions are observed in Uttar Pradesh, Haryana, and Punjab. The weather department predicts cold day conditions in Punjab, Haryana, and Chandigarh, leading to colder temperatures and the need for caution on roads.

ग्रीनलैंड पर जल्द से जल्द क्यों कब्जा करना चाहते हैं ट्रंप... अमेरिका के 250वें बर्थडे से है कनेक्शन
2026 की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद दुनिया एक नए भू-राजनीतिक दौर में पहुंच गई है. डोनाल्ड ट्रंप अब ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की खुली बात कर रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि क्या यह रणनीतिक जरूरत है या अमेरिका के विस्तारवाद की पुरानी सोच की वापसी.

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.








