
महिलाओं से ज्यादा पुरुष खाते हैं नॉन-वेज, मुस्लिमों से ज्यादा ईसाई मांसाहारी
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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक, भारत में नॉन-वेज खाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. देश में करीब 45 फीसदी महिलाएं और 57 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो नॉन-वेज खाते हैं. वहीं, ईसाई धर्म को मानने वाले लोग नॉन-वेज खाने के सबसे ज्यादा शौकीन हैं.
भारत में मांस खाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी है. इसमें भी पुरुषों की संख्या ज्यादा बढ़ी है. देश में 45 फीसदी से ज्यादा महिलाएं और 57 फीसदी से ज्यादा पुरुष नॉन-वेज खाते हैं. ये जानकारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) की रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट बताती है कि 2015-16 की तुलना में 2019-21 में नॉन-वेज खाने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है.
NFHS-5 का सर्वे दो हिस्सों में किया गया था. इसलिए इसमें 2019-21 का डेटा है. इससे पहले 2015-16 में NFHS-4 का सर्वे हुआ था. 2015-16 के सर्वे में सामने आया था कि देश में करीब 46 फीसदी पुरुष और 40 फीसदी महिलाएं नॉनवेज खाती हैं. 5 साल में देश में नॉन-वेज खाने वाली महिलाओं की संख्या में 5% और पुरुषों की संख्या में 11% और आबादी जुड़ गई है.
इस सर्वे में ये भी सामने आया कि 16.6% पुरुष और 29.4% महिलाओं ने अपने जीवन में कभी नॉन-वेज नहीं खाया है. ये आंकड़ा 2015-16 की तुलना में कम है. 2015-16 में 29.9% महिलाओं और 21.6% पुरुषों ने कभी नॉन-वेज न खाने की बात कही थी. नॉन-वेज फूड में मछली, चिकन और मीट को शामिल किया गया है. सर्वे में 15 से 49 साल की उम्र के लोगों को शामिल किया गया था.
भारत में नॉन-वेज खाना खाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपेंट (OECD) के मुताबिक, 2020 में भारतीयों ने 60 लाख टन से ज्यादा मीट खाया था.
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नॉन-वेज खाने वालों का क्या है ट्रेंड?

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