
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में आज कौन कहां किसके खिलाफ? किसे किससे नुकसान, 14 Points में जानिए सबकुछ
AajTak
महाराष्ट्र की 264 शहरी निकाय क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है, जिसमें नगर परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्ष और सदस्य चुने जाने है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी और महायुति के बीच ही मुकाबला नहीं, बल्कि कई सीटों पर आपस में भी किस्मत आजमा रहे हैं.
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. सीएम देवेंद्र फडणवीस के लिए चुनावी अग्निपरीक्षा ही नहीं है बल्कि महायुति में दोस्ती का टेस्ट होना है. निकाय चुनाव में कहीं पर महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी की लड़ाई है तो कहीं पर फ्रेंडली फाइट्स है. यह चुनाव महाराष्ट्र की सियासत में काफी कुछ तय करने वाला है.
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का पहला चरण में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इस बार निकाय चुनाव में दोनों गठबंधन बिखर गए हैं. एकनाथ शिंदे की सेना कहीं बीजेपी के साथ मिलकर लड़ रही है तो कहीं बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस से हाथ मिला रखा है. यही नहीं किसी सीट पर एनसीपी-शिवसेना साथ हैं तो किसी सीट पर खिलाफ हैं.
1. महाराष्ट्र में 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत यानि 288 स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए दो दिसंबर को मतदान होना था. हालांकि, 24 स्थानीय निकायों में मतदान 20 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिए गए हैं. इस वजह से 264 शहरी निकाय सीटों पर वोटिंग हो रही है.
2. चुनाव आयोग ने 24 स्थानीय निकाय टाल हैं. इसमें ठाणे (अंबरनाथ), बारामती, अमरावती, अहिल्यानगर, नांदेड़, सोलापुर, यवतमाल, धाराशिव, चंद्रपुर, अकोला, पुणे समेत इन इलाकों में चल रही चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया है.
3.राज्य के स्थानीय निकायों (नगर परिषद और नगर पंचायत) के 6705 सदस्यों और 264 अध्यक्षों के भाग्य का फैसला होगा.
4. निकाय चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति पूरी तरह से बिखर गया है. बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी के बीच क्रेडिट वार चल रहा है, क्योंकि कई सीटों पर महायुति आपस में ही लड़ रहे हैं.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






