
मर्डर, मोटिव और मिस्ट्री... सौरभ हत्याकांड के पीछे मुस्कान और साहिल की गहरी साजिश, अनसुलझे हैं कई सवाल
AajTak
क्या मुस्कान और साहिल अकेले इस साजिश के मास्टरमाइंड थे, या कोई तीसरा शख्स भी उनके पीछे था? हो सकता है कि किसी बड़े गैंग या ड्रग नेटवर्क से उनका कनेक्शन हो, जिसने उन्हें इस खौफनाक कदम की ओर धकेला दिया हो.
मेरठ के सौरभ हत्याकांड में मुस्कान रस्तौगी और उसका ब्वॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला अब सलाखों के पीछे दिन गुजार रहे हैं, लेकिन उन दोनों की करतूतों से जुड़ी कहानियां पुलिस की छानबीन में जांच पड़ताल में सामने आ रही हैं. नशे का खुमार हो या फिर सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश. हर मामले में मुस्कान और साहिल ने शातिराना अंदाज दिखाया और अपने खूनी मकसद को पूरा किया. लेकिन यह मामला अभी भी सुलझा नहीं है. कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस तलाश रही है.
मिस्ट्री पार्टनर या मास्टरमाइंड? क्या मुस्कान और साहिल अकेले इस साजिश के मास्टरमाइंड थे, या कोई तीसरा शख्स भी उनके पीछे था? हो सकता है कि किसी बड़े गैंग या ड्रग नेटवर्क से उनका कनेक्शन हो, जिसने उन्हें इस खौफनाक कदम की ओर धकेला दिया हो. दरअसल, मेरठ के सौरभ हत्याकांड में जितनी परतें खुल रही हैं, उतने ही नए सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी, लेकिन अब कुछ नए तथ्य सामने आए हैं, जो इस केस को और भी रहस्यमयी बना रहे हैं.
ड्रग नेटवर्क से जुड़ा एंगल! जांच के दौरान पुलिस को मुस्कान और साहिल के मोबाइल रिकॉर्ड से कुछ अहम सुराग मिले हैं. पुलिस को शक है कि इन दोनों का संपर्क एक बड़े ड्रग नेटवर्क से हो सकता है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट हिस्ट्री में कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनका संबंध दिल्ली और हिमाचल के ड्रग सप्लायर्स से हो सकता है. सूत्रों की मानें तो, ये दोनों हिमाचल की कसोल और मलाणा जैसी जगहों पर अक्सर घूमने जाते थे, जहां ड्रग माफिया का अच्छा-खासा दबदबा है.
मेरठ पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं सौरभ की हत्या का असली कारण कोई ऐसा राज तो नहीं था, जो इस ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हो. क्या सौरभ को इनकी करतूतों की भनक लग गई थी? या वह खुद इस नेटवर्क से जुड़ने से इनकार कर रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया गया?
तीसरा कौन? जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मुस्कान और साहिल के अलावा एक और व्यक्ति इस पूरी प्लानिंग में शामिल हो सकता है. पुलिस को शक है कि यह कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो इन दोनों का मेंटर या मास्टरमाइंड रहा हो. मुस्कान और साहिल की कासोल ट्रिप के दौरान उनके साथ एक तीसरा शख्स भी था, जिसकी मौजूदगी सीसीटीवी फुटेज और होटल के रजिस्टर में दर्ज है. यह शख्स कौन है और क्या उसकी कोई भूमिका इस हत्या में रही? पुलिस इसे खंगाल रही है. नशे का सौदागर? पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, यह तीसरा व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर के किसी बड़े ड्रग सप्लायर से जुड़ा हो सकता है, जिसने मुस्कान और साहिल को अपने जाल में फंसाया था. इस शख्स की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
अपराध की ट्रेनिंग? साहिल और मुस्कान का क्राइम प्लानिंग का अंदाज काफी प्रोफेशनल था. सबूत मिटाने के तरीके, लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश, हत्या के बाद तुरंत फरार होकर शादी कर लेना. यह सभी चीजें बताती हैं कि उन्हें कोई गाइड कर रहा था. क्या यह कोई पुराना अपराधी था, जो इन दोनों को टिप्स दे रहा था?

क्या मुनीर की सेना काबुल में अपना टारगेट चूक लिया? पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 6 स्ट्राइक्स किए. पाक ने दावा किया है कि कैंप फीनिक्स पर आतंकियों का हथियार गोदाम को टारगेट किया. लेकिन तालिबान ने आरोप लगाया है कि काबुल का ओमिद अस्पताल निशाना बना, जिसमें 400 मौतें हुईं. अस्पताल कैंप से कई किमी दूर है.

नैनीताल में तूफान और ओलावृष्टि से बिजली व्यवस्था दो दिन तक ठप रही, जिससे 80 हजार लोग प्रभावित हुए. इसी बीच गहराते एलपीजी संकट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. गैस की कमी के चलते होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है. बिजली बहाल होने के बाद भी शहर पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है और रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है. वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में गैर-सनातनी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक की बात कही है.

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.









