
मनी लॉन्ड्रिंग : 5906 केस, 513 गिरफ्तारियां... 176 सांसद-विधायक ED की जांच के घेरे में, जानें कितनों को हुई सजा
AajTak
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इन मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज केसों में से 1,142 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि 513 लोगों को गिरफ्तार किया गया.इनमें से 25 केस में ट्रायल पूरा हो चुका है.24 केसों में आरोपी दोषी ठहराए गए हैं, जबकि एक में बरी कर दिया गया.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज किए कुल केस में सिर्फ 2.98% केस जन प्रतिनिधियों (विधायक, पूर्व विधायक, सांसद या पूर्व सांसद) के खिलाफ हैं. इतना ही नहीं जांच एजेंसी का दावा है कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत दोषी पाए जाने की दर 96% है.
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) यानी इन तीन कानूनों के तहत 31 जनवरी 2023 तक दर्ज केसों के बारे में डेटा जारी किया है.
मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अब तक 5906 केस दर्ज किए गए
समाचार एजेंसी के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 (PMLA) के तहत ईडी को अभियुक्तों को बुलाने, गिरफ्तार करने, उनकी संपत्ति कुर्क करने और अदालत के समक्ष अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार मिलता है.ईडी के मुताबिक, PMLA कानून आने के बाद से 31 जनवरी 2023 तक 5,906 ऐसे केस दर्ज किए गए हैं. इनमें से सिर्फ 2.98% यानी 176 केस विधायक, पूर्व विधायक, एमएलसी, सांसद, पूर्व सांसदों के खिलाफ दर्ज किए हैं.
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इन केसों में से 1,142 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि 513 लोगों को गिरफ्तार किया गया.इनमें से 25 केस में ट्रायल पूरा हो चुका है.24 केसों में आरोपी दोषी ठहराए गए हैं, जबकि एक में बरी कर दिया गया. ईडी के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत के तहत इन 24 केसों में 45 आरोपी दोषी पाए गए हैं. यानी ईडी द्वारा जिन केसों में ट्रायल पूरा हो चुका है, उसमें दोषी पाए जाने की दर 96% है. इन केसों में ईडी ने 36.23 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. जबकि अदालत ने दोषियों के खिलाफ 4.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया.
कानून का ज्ञानः क्या हैं वित्तीय अपराध, कितनी सजा का है प्रावधान? 8.99% यानी 531 केसों में ही सर्च या रेड- ED ईडी ने ये आंकड़े ऐसे वक्त पर जारी किए, जब जांच एजेंसी पर विपक्षी दल अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने पर सवाल उठा रहे हैं. इतना ही नहीं विपक्षी दल आरोप लगाते रहे हैं कि ईडी द्वारा दर्ज केसों में सजा की दर निराशाजनक है.

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.










