
भूकंप की भविष्यवाणी की जा सकती है? जानिए क्या कहते हैं BHU के एक्सपर्ट
AajTak
आखिर क्यों बार-बार आ रहे हैं भूकंप के झटके? क्या इसकी भविष्यवाणी की जा सकती है? क्या किसी अन्य तरीके से भूकंप का पता लगाया जा सकता है? क्या आने वाले दिनों में किसी बड़ी आपदा की आशंका है? इन सब बातों की जानकारी दी है, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भू-भौतिकी विभाग के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहताश कुमार जी ने.
भूकंप के झटकों से पहली बार नेपाल, तो दूसरी बार अरुणाचल प्रदेश हिल गया. आखिर क्यों बार-बार भूकंप के झटके आ रहे हैं? क्या इसकी भविष्यवाणी की जा सकती है? क्या किसी अन्य तरीके से भूकंप का पता लगाया जा सकता है? क्या आने वाले दिनों में किसी बड़ी आपदा की आशंका है? आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भू-भौतिकी विभाग के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहताश कुमार से...
भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहताश ने बताया, "इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है. इसकी वजह से स्ट्रेस लेवल डेवलप होता है. एक लिमिट के बाद इसमें फ्रेक्शन बढ़ जाता है. इसी वजह से भूकंप आता है. दो प्लेटों के टकराने की वजह से ऐसी घटना होती है. भूकंप की भविष्यवाणी का दावा तो बहुत सारे लोग करते हैं, लेकिन उसके पीछे किसी तरह की वैज्ञानिक पद्धति नहीं है."
आज तक कोई रिसर्च नहीं हुई है सफल
उन्होंने आगे बताया, "चाइना ने एक समय दावा किया था कि जानवरों के व्यवहार को देखकर भूकंप की भविष्यवाणी की जा सकती है. मगर, यह भी दावा भी सही साबित नहीं हुआ. वैसे भूकंप की भविष्यवाणी तीन दावों पर निर्भर करती है कि भूकंप कब आएगा? भूकंप कहां आएगा? और भूकंप कितनी तीव्रता का आएगा? इन तीनों भविष्यवाणी को लेकर कोई दावा नहीं कर सका है, इसलिए आज तक कोई भी रिसर्च सफल नहीं हुई है."
छोटी तीव्रता भूकंप से बड़ी तीव्रता के भूकंप की होने की आशंका कम
भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहताश ने कहा, "भूकंप के लिहाज से भारत को अलग-अलग 5 जोन में बांटा गया है. जोन-2 से जोन-5 तक को सेसमिक क्षेत्र में बांटा गया है. जोन-2 में कम से कम सेसमिक एक्टिविटी होती है. वहीं, जोन-5 में सबसे ज्यादा सेसमिक एक्टिविटी होती है. हिमालयन क्षेत्र की वजह से जोन-4 और 5 में सबसे ज्यादा सेसमिक एक्टिविटी रहता है. छोटी तीव्रता के भूकंप आने से बड़ी तीव्रता के भूकंप नहीं आता है. जहां पर भूकंप आते हैं वहां फिर भूकंप आ सकते हैं. इसे आफ्टरशॉक कहते हैं."

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा टर्म नवंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे स्पेकुलेशन बढ़ा. होम मिनिस्टर जी परमेश्वर भी फ्रे में हैं, लेकिन मुख्य जंग सिद्धारमैया-डीके के बीच है. पार्टी वर्कर्स में कन्फ्यूजन है, लेकिन हाई कमांड का फोकस यूनिटी पर है. क्या 29 जनवरी का समन टसल खत्म करेगा या नया ड्रामा शुरू होगा? देखना बाकी है.

महाराष्ट्र में आजादी के बाद से लेकर अभी तक मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ खड़ा रहा है, लेकिन नगर निगम चुनाव में मुस्लिम वोटिंग पैटर्न बदला हुआ नजर आया. मुसलमानों का झुकाव असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और पूर्व विधायक शेख आसिफ की इस्लाम पार्टी की तरफ दिखा, जिसे कांग्रेस ने काउंटकर करने के लिए मुस्लिम दांव खेला है.

पंजाब में नए नेताओं को पार्टी में शामिल कराने से लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर हमले तक, नायब सैनी लगातार सुर्खियों में हैं. बीजेपी के लिए वो एक ऐसे ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ के तौर पर देखे जा रहे हैं, जो हरियाणा की सीमाएं पार कर पंजाब में पार्टी की जमीन मजबूत कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, सैनी बीते एक साल में 35 से ज्यादा बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं.

नितिन नबीन ने बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभाला है और वे पार्टी के 12वें अध्यक्ष बने हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए बधाई दी. मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के पहले 25 साल पूरे हो चुके हैं और आने वाले 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होंगे. इस दौरान विकसित भारत का निर्माण होना तय है और ये नितिन नबीन की अध्यक्षता में होगा. नितिन नबीन खुद मिलेनियल पीढ़ी से हैं जिन्होंने भारत के आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास को देखा है. सुनिए.

नितिन नबीन ने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें इसके लिए बधाई दी. मोदी ने पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नितिन नबीन उनके बॉस हैं और वे उनका कार्यकर्ता हैं. यह बदलाव पार्टी में एक नई शुरुआत के रूप में माना जा रहा है. सुनिए पीएम मोदी और क्या बोले.

बीजेपी को जल्द ही सबसे कम उम्र का अध्यक्ष मिल जाएगा. नितिन नबीन को इस जिम्मेदारी भरे पद के लिए चुना गया है और उनका नाम आधिकारिक रूप से सुबह 11.30 बजे बीजेपी मुख्यालय में घोषित किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण दिन पर नितिन नबीन ने दिल्ली के विभिन्न मंदिरों का दौरा कर आशीर्वाद लिया. उन्होंने गुरूद्वारा बंगला साहिब, झंडेवालान मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में दर्शन किए. इस मौके पर BJP मुख्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया.







