
भगोड़े नीरव मोदी को लौटना होगा भारत! ब्रिटेन में नहीं बचा कोई भी कानूनी विकल्प
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भगोड़े नीरव मोदी ने ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील का आखिरी मौका भी गंवा दिया है. उसके पास अब ब्रिटेन में कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. नीरव मोदी 2018 में पंजाब नेशनल बैंक में करीब 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का आरोपी है.
भगोड़े नीरव मोदी ने ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील का आखिरी मौका भी गंवा दिया है. उसके पास अब ब्रिटेन में कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. हालांकि अब ऐसा माना जा रहा है कि नीरव मोदी कुछ दूसरे कानूनी रास्ते अपना सकता है. वह European Court Of Human Rights में जाकर अपील कर सकता है. ऐसे में नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ जरूर हुआ है, लेकिन कई और अड़चने मौजूद हैं जिनसे पार पाना जरूरी है.
पिछले हफ्ते ही भारतीय प्राधिकारियों ने ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति देने का अनुरोध करने वाली उसकी याचिका पर जवाब दिया था. ब्रिटेन की अदालतों में भारत सरकार की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रही क्राउन प्रासीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने 51 वर्षीय नीरव मोदी की अपील के खिलाफ अदालत में अपना जवाब दाखिल किया था.
हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि सुसाइड की प्रवृत्तियां दिखना प्रत्यर्पण से बचने का आधार नहीं बन सकता है. हालांकि नीरव ने अपने बचे कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जहां से उसे निराशा हाथ लगी.
इस मामले में फंसा है नीरव मोदी
जानकारी के लिए बता दें कि ये पूरा घोटाला नीरव मोदी की तीन कंपनियों, उसके अधिकारियों, पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया. यह 13,000 करोड़ से अधिक की बैंक धोखाधड़ी का केस है. नीरव मोदी ने पीएनबी की बार्टी हाउस शाखा के अधिकारियों के साथ मिलकर 11,000 करोड़ रुपये से अधिक फर्जी ऋणपत्रों के माध्यम से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया.

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