
ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे श्रद्धालु, तभी पीछे से आई भीड़... DIG महाकुंभ ने बताया कैसे गई 30 लोगों की जान
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महाकुंभ DIG ने बताया कि ये हादसा कैसे हुआ. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे, तभी कुछ श्रद्धालु अचानक दर्शन करने के लिए आ गए. पीछे से आई भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. उन्होंने कहा कि 29 तारीख का कोई VVIP मूवमेंट नहीं था. आगामी बड़े पर्व या स्नान पर कोई VVIP मूवमेंट नहीं होगा.
प्रयागराज के महाकुंभ में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हुआ. रात करीब 2 बजे संगम नोज पर भगदड़ मच गई, इस हादसे में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 60 लोग घायल हो गए. इस बात की जानकारी मेला प्रशासन की ओर से दी गई है. महाकुंभ DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि ये हादसा कैसे हुआ. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे, तभी कुछ श्रद्धालु अचानक दर्शन करने के लिए आ गए. पीछे से आई भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. उन्होंने कहा कि 29 तारीख का कोई VVIP मूवमेंट नहीं था. आगामी बड़े पर्व या स्नान पर कोई VVIP मूवमेंट नहीं होगा.
महाकुंभ मेला डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि आज मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान था.बेला क्षेत्र में अखाड़ा मार्ग में भीड़ का दबाव बना और भीड़ दूसरी तरफ कूद गई. उन्होंने कहा कि एंबुलेंस से कुल 90 लोगों को अस्पताल भेजा गया था. इसमें 30 लोगों की मौत हो गई. इसमें से 25 की शिनाख्त हो चुकी है. उन्होंने बताया कि घायलों के बारे में पता करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है.
देर रात 2 बजे संगम नोज पर हुआ हादसा
बता दें कि देर रात करीब 2 बजे संगम की ओर दौड़ती एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों के तेज सायरन की आवाजें कुंभ मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकरों से गूंजते मंत्रों और श्लोकों के बीच गूंज रही थीं. इस हादसे के बाद अखाड़ों ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया गया था, लेकिन दोपहर में हालात स्थिर होने पर सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान किया. एजेंसी के मुताबिक शाम 5 बजे तक करीब 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई.
ये भी पढ़ेंः महाकुंभ भगदड़ में 30 की मौत, 60 घायल, हादसे के 16 घंटे बाद मेला प्रशासन ने जारी किया आंकड़ाकई घायलों के रिश्तेदार पहुंचे पीटीआई के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस हादसे का एक कारण संगम पर श्रद्धालुओं की अचानक भीड़ का बढ़ना था, सभी लोग सुबह 3 बजे पवित्र स्नान करना चाह रहे थे. घायलों को मेला क्षेत्र में बनाए गए केंद्रीय अस्पताल ले जाया गया. कई घायलों के रिश्तेदार भी वहां पहुंचे, साथ ही कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे. सुरक्षाकर्मी और बचावकर्मी कई घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाते देखे गए. कंबल और बैग समेत लोगों के सामान इधर-उधर बिखरे पड़े थे.

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