
'बॉब कट और लिपस्टिक वाली औरतें चली जाएंगी आगे', महिला आरक्षण पर RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी का बड़बोलापन
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लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के एक विवादित बयान के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है. सिद्दीकी ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर अब लिपस्टिक, बॉब कट वाली महिलाएं संसद पहुंचेंगी.
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'महिला आरक्षण में अति पिछड़ा, पिछड़ा, दूसरा का भी कोटा तय कर दीजिए तब तो ठीक है, वरना महिला के नाम पर पाउडर, लिपस्टिक और बॉब कट वाली औरत चली आएगी नौकरी में तो आपकी महिलाओं को हक मिलेगा?'
बिहार के मुजफ्फरपुर में ‘जागरूकता सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि महिलाओं का आरक्षण जाति और पिछड़े अति पिछड़े आधार पर मिलना चाहिए. उन्होंने वहां मौजूद लोगों से लोकसभा चुनाव तक टीवी-सोशल मीडिया से दूर रहने की भी अपील की.
सिद्दीकी ने लोगों से की टीवी से दूर रहने की अपील
अपने संबोधन के दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि, 'टीवी और सोशल मीडिया से दूर रहें इसके चक्कर में पढ़िएगा तो न आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी न राज पाठ बढ़ेगा.इसलिए कसम खाए और कम से कम लोक सभा चुनाव तक नही देखें.जितने भी समाजवादी है वो कसम खाएं की कम से कम लोकसभा चुनाव तक टीवी का बहिष्कार करेंगे. इससे आपका खाना नहीं बंद हो जाएगा. इस सम्मेलन में आपको यह संकल्प लेना होगा वर्ना इस संकल्प का कोई मतलब नहीं है. संकल्प लीजिए की हम अपने पुरखों के अपमान को याद रखेंगे. हम अपने बच्चों को पढ़ाएंगे और अपनी हिस्सेदारी के लिए लड़ेंगे. हम लोहिया के बताए हुए रास्ते पर चलेंगे.'
उनके बयान ने तूल पकड़ा तो अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीण दर्शकों को समझने में आसानी के लिए यह बात एक उदाहरण के तौर पर कही थी. सिद्दीकी ने कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था.
बारी के इस 'बॉबकट-लिपस्टिक' बयान का उनकी पार्टी आरजेडी ने भी समर्थन किया है. आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सिद्दीकी ने दर्शकों को अपनी बात स्पष्ट करने के लिए एक रूपक (Metaphor) का इस्तेमाल किया, जिसकी पृष्ठभूमि काफी हद तक ग्रामीण है.

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