
बिहार: गया में मोर्टार के चलते 3 की मौत मामले में सेना की सफाई, कहा- हमने कोई मोर्टार नहीं छोड़
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पुलिस ने बताया कि मोर्टार से मौत की ये घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के गुलरवेद गांव में तड़के हुई. उन्होंने कहा, "पुलिस की एक टीम उस जगह पर डेरा डाले हुए है, जहां विस्फोट से जमीन पर गड्ढा हो गया है और आगे की जांच जारी है.
बिहार के गया जिले में बुधवार को एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. कहा गया कि यहां सेना का मोर्टार गोला फायरिंग रेंज को पार कर गया और पास के एक गांव में गिर गया, जिससे ये दुर्घटना हो गई.
हालांकि इधर, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि 8 मार्च 2023 को देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फायरिंग नहीं की गई थी और इस घटना के कारण की जांच के लिए समर्थन दिया जा रहा है. भारतीय सेना बाराचट्टी पुलिस स्टेशन, जिला गया, बिहार के अंतर्गत गुलेरबेद गांव के पास हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है. सेना ने कहा कि इस घटना को लेकर मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा कहा गया कि ये मौतें सेना की मोर्टार फायरिंग के कारण हुई हैं. यह स्पष्ट किया जाता है कि 08 मार्च 2023 को देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार की कोई फायरिंग नहीं की गई थी. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि स्थानीय नागरिक प्रशासन और पुलिस से फायरिंग से पहले दैनिक आधार पर अधिसूचित फायरिंग रेंज पर मंजूरी प्राप्त की जाती है. 08 मार्च 23 को मोर्टार फायरिंग के लिए ऐसी कोई मंजूरी नहीं मांगी गई थी. यह नोट किया गया है कि सोशल मीडिया पर जमीन में एक गोल आकार का छेद दिखाकर वायरल किया जा रहा है और इसे मोर्टार शेल के अफैक्टेड प्वाइंट के रूप में दिखाया जा रहा है. जबकि मोर्टार शेल विस्फोट ऐसे कोई निशान नहीं छोड़ता
वहीं गया के पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के गुलरवेद गांव में तड़के हुई. उन्होंने कहा, "पुलिस की एक टीम उस जगह पर डेरा डाले हुए है, जहां विस्फोट से जमीन पर गड्ढा हो गया है और आगे की जांच जारी है." मृतकों में एक युवा जोड़ा सूरज कुमार और कंचन कुमारी के अलावा एक करीबी रिश्तेदार गोविंद मांझी भी शामिल हैं. कंचन अपने पति के साथ भाई के घर होली मनाने आई थी.
कंचन की भाभी मंजू देवी ने याद करते हुए कहा, "हम सभी आंगन के अंदर पूरियां और मालपुए तैयार करने के लिए अपने बर्तन और अन्य सामान इकट्ठा करने में व्यस्त थे. अचानक एक जोरदार आवाज हुई और जमीन हिल गई." एक ग्रामीण जो केवल स्थानीय बोली, मगही में बोलती है, मंजू देवी पत्रकारों को ताक-झांक कर घूरती हुई भयावहता के बारे में बताते हुए अचंभित लग रही थी. उन्होंने कहा, "मैं कुछ देर तक कुछ समझ नहीं पाई. फिर किसी ने चिल्लाया 'गोला गिरा है' (मोर्टार का गोला गिरा है). मैंने अपने कई लोगों को दर्द से छटपटाते देखा."
एसपी के अनुसार, विस्फोट में कुल छह लोग घायल हुए और उनमें से तीन ने गया शहर के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दम तोड़ दिया. परिवार के तीन अन्य सदस्य गीता कुमारी, राशो देवी और पिंटू मांझी अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं. यह गांव आर्मी फायरिंग रेंज से कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है. मंजू देवी ने कहा, "हम इन गोलियों की आवाज के आदी हो गए हैं. हमें कभी नहीं पता था कि ये क्या हैं और ये तेज धमाके कहां से आए. आज की घटना के बाद हम डर में जी रहे हैं."

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