
बिहार के इस इलाके में जमीन कब्जा कर रहा बंगाल? सदन में उठा सवाल, सरकार ने कहा- 'ठोस साक्ष्य…'
ABP News
Bihar News: बिहार विधानसभा में ठाकुरगंज के विधायक ने मुद्दा उठाया. उस पर विजय कुमार सिन्हा ने जवाब दिया. साथ ही कहा कि बाहरी लोगों के अवैध कब्जा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बिहार विधानसभा में शुक्रवार (27 फरवरी, 2026) को यह मामला उठा कि किशनगंज के इलाके में पिछले 10 वर्षों से बंगाल के लोगों की ओर से अवैध कब्जा हो रहा है. ठाकुरगंज से विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने यह मुद्दा उठाया. इस पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जवाब दिया. उच्च स्तरीय जांच की बात कही.
जिस इलाके की बात सदन में कही गई वह किशनगंज का दिघलबैंक प्रखंड है. ठाकुरगंज के विधायक ने सदन में कहा कि दिघलबैंक प्रखंड में बीते 40 सालों में भूदान की जमीनें, जो स्थानीय दलित, आदिवासी और गरीब मुस्लिमों के नाम पर थीं, उन पर बाहरी लोग कब्जा कर चुके हैं. वर्तमान में दिघलबैंक प्रखंड की लगभग 90 प्रतिशत जमीनें पिछले 10 सालों में मालदा और मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) से आए लोगों के कब्जे में चली गई हैं.
उन्होंने इन जमीनों का भौतिक सत्यापन कर अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराने की मांग की. साथ ही यह भी कहा कि सीमावर्ती सभी जिलों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए इसका समाधान होना चाहिए.
विधायक की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में विजय सिन्हा ने कहा कि समाहर्ता, किशनगंज से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, मालदा-मुर्शिदाबाद के नाम पर आए बाहरी लोगों द्वारा भूमि कब्जे का कोई विशिष्ट मामला प्रकाश में नहीं आया है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बंदोबस्ती भूमि के अवैध हस्तांतरण या खरीद-बिक्री के मामले सामने आते हैं तो जमाबंदी और बंदोबस्ती को निरस्त किया जाता है. ऐसी स्थिति में भूमि पुनः सरकार के अधिकार में चली जाती है.













