
ईरान से युद्ध के बीच 'बैकफुट' पर ट्रंप, जंग के 24वें दिन क्या-क्या बदला? कहीं ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में तो नहीं अमेरिका
ABP News
Iran US War: युद्ध के 24 दिन बीतने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप एक ऐसे चौराहे पर आकर खड़े हो गए हैं, जहां उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब किस रास्ते की तरफ बढ़ें. वह अब ईरान से बात करने की वकालत कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर रहे थे और पूरी तरह से बर्बाद करने की धमकी दे रहे थे वही तेहरान अब उन्हें अच्छा लगने लगा है. ट्रंप अब पूरी दुनिया के सामने भरोसे के साथ कह रहे हैं कि ईरान शांति चाहता है. वहीं वैश्विक जानकारों से लेकर पूरी दुनिया की मीडिया ट्रंप के इस बयान के पीछे उनका डर बता रही है. ट्रंप ने 23 मार्च को कहा था कि वो ईरान के पावर प्लांट या किसी भी एनर्जी फैसिलिटी पर अगले पांच दिन तक हमला नहीं करेंगे यानि ये एक तरह से आधे युद्धविराम की घोषणा करने जैसा है. दूसरी तरफ ना तो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमला करने से बाज आ रहे हैं और ना ही ईरान रुकने का नाम ले रहा है.
ईरान ने इजरायल पर बरसाए क्लस्टर बम
तेहरान ने मंगलवार (24 मार्च 2026) को तेल अवीव पर इतने बम दागे कि इजरायल दहल गया. ईरान ने तेल अवीव पर क्लस्टर बम दागे जिसमें 100-100 किलो के करीब 3 से 4 बम शामिल थे. यही वजह है कि हमले के बाद तेल अवीव में हर तरफ सुलगता बारूद और मलबे का ढेर दिखाई दे रहा था. ईरान बारूद बरसा रहा है और अमेरिका बातचीत के लिए हाथ बढ़ा रहा है. ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध के 24 दिन बीतने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप एक ऐसे चौराहे पर आकर खड़े हो गए हैं, जहां उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब बढ़े तो किस रास्ते की तरफ बढ़े?
क्यों मुश्किल हो गई ट्रंप की राह?













