
एंजेल चकमा हत्याकांड में सीबीआई का एक्शन, देहरादून पुलिस से मांगा हर कार्रवाई का जवाब
ABP News
Dehradun News In Hindi: एंजेल चकमा हत्याकांड में सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए दून पुलिस से पूरे मामले का विस्तृत लिखित ब्योरा मांगा है.
उत्तराखंड की राजधानी में एक युवा की नस्लीय हिंसा में मौत के बाद न्याय की प्रक्रिया फाइलों और दफ्तरों के बीच उलझती नजर आ रही है. एंजेल चकमा हत्याकांड में मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी अब भी फरार है और उसकी तलाश में जो अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया शुरू हुई थी, वह भी फिलहाल सवालों के जवाब ढूंढने में उलझ गई है.
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरोपी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए देहरादून पुलिस से पूरे मामले का विस्तृत लिखित ब्योरा मांगा है. एजेंसी चाहती है कि आरोपी यज्ञराज अवस्थी की आपराधिक भूमिका, उसकी मंशा, वारदात की परिस्थितियां और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया — यह सब कुछ 1200 से 1500 शब्दों में स्पष्ट रूप से दर्ज हो.
CBI ने मुकदमा दर्ज होने के समय से लेकर अब तक की पूरी टाइमलाइन, घटनाक्रम का क्रमवार विवरण और पुलिस की हर कार्रवाई का हिसाब मांगा है. जब तक यह रिपोर्ट भारतपोल पोर्टल पर अपलोड नहीं होती, ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती. यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की तलाश फिलहाल ठहरी हुई है. दून पुलिस इस वक्त पूरे केस को फिर से खंगाल रही है — हर दस्तावेज, हर बयान, हर तथ्य को एक बार फिर से जोड़ा जा रहा है ताकि CBI के सवालों का संतोषजनक जवाब दिया जा सके.
दरअसल, पूरा मामला 9 दिसंबर 2025 की शाम है, जब देहरादून के सेलाकुई इलाके में जिज्ञासा यूनिवर्सिटी का एमबीए फाइनल ईयर का छात्र एंजेल चकमा अपने छोटे भाई माइकल के साथ रोजमर्रा की खरीदारी के लिए निकला था. शाम के छह-सात बज रहे थे. बाजार में आम दिनों की तरह चहल-पहल थी. तभी कुछ नशे में धुत युवकों का समूह वहां पहुंचा और दोनों भाइयों पर नस्लीय फब्तियां कसनी शुरू कर दीं. जब एंजेल और माइकल ने इसका विरोध किया, तो बात मारपीट तक पहुंच गई.













