
बाल ठाकरे और सावरकर को भारत रत्न नहीं दिए जाने पर उद्धव गुट ने BJP पर उठाया सवाल, कही ये बात
AajTak
बाला साहेब ठाकरे और वीर सावरकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान नहीं दिए जाने को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. अपने मुखपत्र सामना में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने लिखा कि फिर से उसी नेता को भुला दिया गया, जिसने कहा था कि उसे इस बात पर गर्व होगा कि उसके लोग अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने के लिए जिम्मेदार थे.
बाला साहेब ठाकरे और वीर सावरकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान नहीं दिए जाने को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए आरोप लगाया है कि बाल ठाकरे और सावरकर को भारत रत्न देने की उपेक्षा की है.
शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से आरोप लगाया कि बीजेपी ने फिर से उसी नेता को भुला दिया है, जिसने यह कहकर कार्यकर्ताओं की ऊर्जा बढ़ाई थी कि उसे इस बात पर गर्व होगा कि उसके लोग अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने के लिए जिम्मेदार थे.
मुलायम सिंह को मिले सम्मान पर जताया आश्चर्य
इसके अलावा सामना में दिवंगत समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर भी आश्चर्य व्यक्त किया गया है. शिवसेना (UBT) का कहना है कि समाजवादी नेता एक लंबी राजनीतिक शख्सियत थे, लेकिन अयोध्या में विरोध प्रदर्शन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए बीजेपी द्वारा हमेशा उनकी आलोचना की गई थी और बीजेपी-आरएसएस ने उन्हें बहुत ही प्रकरण के बाद मौलाना मुलायम कहना शुरू कर दिया था.
सामना में कहा गया है कि अगर अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने पहुंचे कारसेवकों पर फायरिंग नहीं हुई होती तो गुस्साए हिंदू सड़कों पर नहीं उतरते और बीजेपी को राजनीतिक फायदा नहीं मिलता.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






