
बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान... 'क्राइसिस जोन' में बदले मुल्कों में कितने हैं हिंदू? जानें- कितने मुश्किल हैं हालात
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भारत के तीन पड़ोसी मुल्क- पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान क्राइसिस जोन में बदल चुके हैं. अब तक बांग्लादेश इससे अछूता था, लेकिन अब वहां भी अस्थिरता आ गई है. बांग्लादेश में शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं. ऐसे में जानते हैं कि इन तीन पड़ोसी मुल्कों में हिंदुओं के हालात क्या हैं? और वहां कितने हिंदू रह गए हैं?
बांग्लादेश में दो हफ्ते पहले तक जो हिंदू खुद को सुरक्षित महसूस करते थे, अब उन्हें वहां डर लगने लगा है. पांच अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से हिंदू डरे हुए हैं. वहां रहने वाले हिंदुओं को मारा जा रहा है, मंदिरों पर हमले हो रहे हैं, दुकानें लूटी जा रही हैं और डराया-धमकाया जा रहा है.
बांग्लादेश के नेशनल हिंदू ग्रांड अलायंस का दावा है कि शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद से 48 जिलों की 278 जगहों पर हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हमले की खबरें आई हैं. अलायंस ने इसे 'हिंदू धर्म पर हमला' बताया है.
कई लोगों का तर्क है कि जिन पर हमले हो रहे हैं या जिन्हें मारा जा रहा है, वो या तो शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े हैं या फिर पुलिस से कनेक्शन हैं. हालांकि, मारे गए हर पांच में से तीन हिंदू को राजनीति या पुलिस से कोई लेना-देना नहीं था. ढाका में रहने वाले अनुपम रॉय बताते हैं कि वो ऐसे कई पीड़ितों को जानते हैं, जो राजनीति से कोसों दूर थे.
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद का दावा है कि पांच से आठ अगस्त के बीच तीन दिन में हिंदुओं पर हमले के 205 मामले सामने आए थे.
बांग्लादेश में कैसे हैं हालात?
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का इतिहास लंबा रहा है, खासकर हिंदू समुदाय को. याद होगा कि दो साल पहले भी बांग्लादेश में हिंदू विरोधी भावनाएं भड़क गई थीं, जिसके बाद कई हिंदुओं की हत्या भी कर दी गई थी.

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