
बरेली: मीट कारोबारी शकील कुरैशी के ठिकानों पर IT की छापेमारी, 1200 करोड़ की टैक्स चोरी हुई उजागर
AajTak
बरेली के मीट कारोबारी हाजी शकील कुरैशी के लखनऊ, बरेली और उन्नाव में ठिकानों पर की इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की. इनकम टैक्स की छापेमारी में 1200 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया है. बीते गुरुवार से आयकर विभाग की टीमें बरेली के अल सुमामा एग्रो फूड्स, रहबर फूड इंडस्ट्री, मारिया फ्रोजन एग्रो फूड और उन्नाव, लखनऊ में रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
बरेली के मीट कारोबारी हाजी शकील कुरैशी के लखनऊ, बरेली और उन्नाव में ठिकानों पर की इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की. इनकम टैक्स की छापेमारी में 1200 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया है. इनकम टैक्स विभाग के द्वारा 3 दिनों तक की गई जांच में 1000 करोड़ के लगभग कैश ट्रांजैक्शन के भी विभाग को सुबूत मिले हैं.
बीते गुरुवार से आयकर विभाग की टीमें बरेली के अल सुमामा एग्रो फूड्स, रहबर फूड इंडस्ट्री, मारिया फ्रोजन एग्रो फूड और उन्नाव, लखनऊ में रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. अब तक की जांच में मीट कारोबारी के विभिन्न फर्मों से लगभग 1200 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ में आई है. इतना ही नहीं कई बोगस कंपनियों और उनके बेनामी खातों से काली कमाई का भी खुलासा हुआ है.
1000 करोड़ के लेनदेन के सबूत
कुरैशी और उसके साझेदारों ने इनफोकस कंपनियों से लगभग 1000 करोड़ का लेनदेन के सबूत मिले हैं. छापेमारी के दौरान शकील कुरैशी और उनके साझेदारों के ठिकानों से करोड़ों की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी हाथ लगे हैं. सूत्रों की मानें तो तमाम संपत्तियां लखनऊ के पॉश इलाकों में भी खरीदी गई और एक बड़ा हिस्सा उत्तराखंड में निवेश किया गया. काले धन को खतौनी के लिए रियल स्टेट प्लाईवुड और मेंथा के कारोबार का इस्तेमाल किया जाता था. संभल के एक मेंथा ऑयल व्यापारी के जरिए मीट कारोबार से होने वाली अवैध कमाई को निवेश किया जा रहा था.
नोटिस जारी करने की तैयारी में सरकार
शकील कुरैशी और उसके साझेदारों ने कई बोगस कंपनियों में अपने काले धन को निवेश कर सफेद करने की कोशिश की है, उसमें कई सफेदपोश नेता और अफसर भी साझेदार होने की जानकारी सामने आ रही है. फिलहाल इनकम टैक्स विभाग ने अब तक की पूछताछ के बाद इन सभी लोगों को नोटिस देने की तैयारी की है, जिनका संबंध शकील कुरैशी की फर्म से था.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






