
बंगाल में SIR पर बवाल... तनाव से जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों की मदद करेगी TMC
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पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया की वजह से लगातार लोग डरे हुए हैं. कुछ दिन पहले ही दक्षिण 24 परगना के भांगर में एक अधेड़ व्यक्ति ने इस डर में अपनी जान दे दी कि उसका नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी चिंता और तनाव की वजह से कथित तौर पर जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है.
इस संबंध में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिल रही हैं. ये नेता न केवल भावनात्मक सहारा दे रहे हैं, बल्कि नियमित संपर्क बनाए रखते हुए हर संभव व्यावहारिक और प्रशासनिक मदद भी पहुंचा रहे हैं. इस अभियान का उद्देश्य शोकग्रस्त परिवारों को अकेला महसूस न होने देना और उनके दर्द में साथ खड़ा होना है.
एक टीएमसी नेता ने कहा कि ये नेता व्यक्तिगत रूप से उन परिवारों से मिलेंगे, जिनके परिजनों ने कथित तौर पर आत्महत्या की या SIR से जुड़े तनाव और चिंता के चलते जान गंवाई. वे इन परिवारों के साथ नियमित संपर्क में रहेंगे और राष्ट्रीय महासचिव के निर्देशानुसार हर तरह की मदद पहुंचाएंगे.
पार्टी नेता के अनुसार, यह जनसंपर्क अभियान इसलिए चलाया जा रहा है ताकि शोकाकुल परिवारों को भावनात्मक और व्यावहारिक दोनों तरह का सहारा मिल सके.
टीएमसी का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई SIR प्रक्रिया से पैदा हुई अफरातफरी ने कई लोगों को मानसिक परेशानी में धकेल दिया. बीजेपी ने इस आरोप को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है.
बता दें कि बंगाल में यह प्रक्रिया तनाव का कारण बन गई है. TMC का आरोप है कि BJP इस प्रक्रिया का इस्तेमाल वोटरों की संख्या कम करने के लिए कर रही है. वहीं बीजेपी का कहना है कि यह महज अफवाह है. इस प्रक्रिया से वोटर लिस्ट को सही बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.

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