
फिर नाराज अखिलेश की पार्टी, क्या INDIA ब्लॉक में लेगी अलग राह... सीट शेयरिंग पर MP जैसा तनाव महाराष्ट्र में क्यों?
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महाराष्ट्र चुनाव में भी सीट शेयरिंग को लेकर मध्य प्रदेश जैसा तनाव है. सपा दर्जनभर सीटों पर दावेदारी कर रही है. सपा ने सीटें नहीं मिलने पर अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बात कह दी है. क्या महाराष्ट्र में भी सपा-कांग्रेस अलग राह पर बढ़ेंगी?
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हैं और गठबंधनों की फाइट भी अब सामने आने लगी है. हरियाणा में कांग्रेस की हार के बाद आइना दिखाने वाली शिवसेना (यूबीटी) ने सीट शेयरिंग पर राहुल गांधी से बातचीत की बात कही है. वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने भी एमवीए की बैठकों में नहीं बुलाए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव आज से खुद प्रचार के मैदान में उतर रहे हैं. गठबंधन में सीटों को लेकर जारी खींचतान के बीच अखिलेश की मालेगांव और धुले में रैलियां होनी हैं. सपा के तेवर देख अब बात इसे लेकर भी हो रही है कि क्या महाराष्ट्र में भी मध्य प्रदेश वाली लड़ाई दिखेगी?
मध्य प्रदेश में कैसी लड़ाई थी?
लोकसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव थे. इंडिया ब्लॉक के घटक कांग्रेस और सपा के बीच अंतिम समय तक सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चलती रही. कांग्रेस की लोकल लीडरशिप सपा के वजूद पर सवाल उठाते हुए गठबंधन के खिलाफ थी. सपा दर्जनभर सीटों की डिमांड कर रही थी.
सपा नेताओं को उम्मीद थी कि उन्हें कांग्रेस से गठबंधन में आठ से 10 विधानसभा सीटें मिल जाएंगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं. कांग्रेस ने 2018 के एमपी चुनाव में पार्टी की जीती सीट भी नहीं छोड़ी. बाद में सपा ने अकेले ही अपने उम्मीदवार उतारे और अखिलेश ने कैंप कर प्रचार की कमान संभाली. सपा भले ही खाता नहीं खोल पाई लेकिन कई सीटों पर कांग्रेस का खेल जरूर खराब कर गई.
महाराष्ट्र में मध्य प्रदेश की बात क्यों?

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