
फिर धरने पर पहलवान, आखिर क्या है कुश्ती संघ और खिलाड़ियों के बीच 'उठापटक' की वजह?
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कुश्ती के खिलाड़ियों और कुश्ती महासंघ के बीच विवाद तीन महीने पहले सामने आया था. WFI अध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह के खिलाफ लगाए गए अपने आरोपों पर कार्रवाई न होते देख एक बार फिर पहलवान जंतर-मंतर पर धरने पर हैं. आखिर कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच तकरार की वजह क्या है?
भारतीय कुश्ती फेडरेशन और पहलवानों के बीच विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. पहलवान रविवार को जंतर-मंतर पर जुटे और यहां उन्होंने ऐलान किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वह धरने से नहीं हटेंगे. ओलंपियन बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक के साथ कई पहलवान भी धरने में शामिल हुए और शोषण के खिलाफ न्याय की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि उनकी सुनी नहीं जा रही है और उनकी शिकायतों पर क्या एक्शन लिया जा रहा है, इस बारे में भी कई जानकारी नहीं दी जा रही है.
जंतर-मंतर क्यों बैठे हैं कुश्ती के दिग्गज?
कुश्ती के ये दिग्गज इतने आक्रोशित होकर जंतर-मंतर पर क्यों बैठे थे? वह किस न्याय की बात कर रहे हैं और किस तरह के आरोप किस शख्स पर लगा रहे हैं, ये जानने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलकर देखना होगा. बात है 18 जनवरी 2023 की. नए साल की शुरुआत हुए कुछ ही दिन बीते थे कि कुश्ती संघ और पहलवानों का ये विवाद सामने आया था. जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत कई दिग्गज पहलवान इकट्ठा हुए थे. उस दिन भी शाम 4 बजे कुश्ती खिलाड़ियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके WIF अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कुश्ती संघ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे. पहले नजर डालते हैं कि आरोप क्या थे.
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पहला आरोप: यौन शोषण
रेसलर विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण किया जाता है. उन्होंने कहा था, 'मैं खुद महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के 10-20 केसों के बारे में जानती हूं." उन्होंने कोच और रेफरी पर भी आरोप लगाए. फोगाट ने आगे कहा- 'जब हाई कोर्ट हमें निर्देश देगा तब हम सभी सबूत पेश करेंगे. हम पीएम को भी सभी सबूत सौंपने को तैयार हैं. जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती हम धरने पर बैठेंगे. किसी भी इवेंट में कोई एथलीट हिस्सा नहीं लेगा.' इस दौरान विनेश रोती हुईं भी दिखी थीं.

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