
फर्जी 'PNL बैंक' चलाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश... 60 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा
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करनाल पुलिस ने फर्जी ‘पीएनएल बैंक’ चलाकर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने निसिंग के 32 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए ठगे और कुल 60 करोड़ के फर्जी लेनदेन का खुलासा हुआ. पुलिस ने एमडी रहीस खान, मैनेजर रसिना बेगम और प्रमोटर कमल शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर रिमांड पर लिया है.
हरियाणा के करनाल में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो 'पीएनएल बैंक – ए मेम्बर ऑफ बैंक' के नाम से फर्जी बैंक चलाकर लोगों से करोड़ों रुपए ठग रहा था. निसिंग थाना प्रभारी श्री भगवान ने बताया कि अजय नाम के युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उसके साथ और 32 अन्य लोगों के साथ मिलकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है. आरोपी लोगों को 26 महीनों में पैसे डबल करने का लालच देता था.
पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को मान्यता प्राप्त बैंकों से अधिक ब्याज देने का झांसा देते थे. वे लोगों से पैसे जमा करवाते और कहते कि यह रकम कुछ महीनों में दोगुनी हो जाएगी. जब पर्याप्त रकम इकट्ठी हो जाती, तो आरोपी शाखा बंद कर फरार हो जाते थे. जांच में सामने आया कि केवल निसिंग इलाके में ही करीब 1.40 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है.
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एमडी रहीस खान और मैनेजर रसिना बेगम गिरफ्तार थाना प्रभारी ने बताया कि इस फर्जी बैंक का एमडी रहीस खान था और मैनेजर रसिना बेगम. इनके साथ बैंक का प्रमोटर कमल शर्मा भी शामिल था. पुलिस ने रहीस खान, रसिना बेगम और कमल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरोह बेहद चालाकी से लोगों को भरोसे में लेता था, उन्हें बड़े होटलों में खाना खिलाता, निवेश के बड़े सपने दिखाता और फिर पैसे अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर देता. बैंक में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी इनके रिश्तेदार ही थे.
बिल्डर और गोल्ड कंपनी में लगाते थे ठगा हुआ पैसा जांच में पता चला है कि आरोपी ठगे हुए पैसों को अपनी बनाई हुई फर्जी कंपनी और एक गोल्ड इन्वेस्टमेंट फर्म में लगाते थे. पुलिस को ऐसी एक कंपनी के दस्तावेज भी मिले हैं. इसके अलावा, उन्होंने एक स्थानीय बिल्डर में भी बड़ी रकम निवेश की थी.
देशभर में 60 करोड़ का फ्रॉड उजागर जांच अधिकारी भगवान ने बताया कि 'पीएनएल बैंक' नाम का कोई वैध बैंक अस्तित्व में ही नहीं है. आरोपी ने इसी नाम से फर्जी शाखाएं कुरुक्षेत्र और जगाधरी में खोली थीं. इससे पहले गोहाना में भी इसी नाम से बैंक चलाकर लोगों को ठगा गया था. पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में आरोपी करीब 60 करोड़ रुपए के लेनदेन कर चुके हैं. फिलहाल गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि और लोगों की भूमिका का खुलासा हो सके.

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