
प्रेम की दीवानी या विषकन्या... क्या पाकिस्तानी जासूस है सीमा हैदर? जानें पूरी कहानी
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पबजी से शुरू हुई ये लव स्टोरी ग्रेटर नोएडा में आकर खत्म हुई. लेकिन पुलिस को सीमा पर शक था. शक की वजह भी थी. अक्सर हनीट्रैप या ऐसे ही दूसरे मामलों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अपने जासूसों को भारत भेजती रही है.
उसका नाम सीमा है. सीमा सरहद को भी कहते हैं. सरहद यानी जिसकी कोई हद नहीं होती. जैसे मोहब्बत, जिसकी कोई हद नहीं होती. मगर दो मुल्कों के बीच सरहद की भी हद होती है. यही बात सीमा समझ नहीं पाई. वो अपने प्यार को पाने के लिए पाकिस्तान से बिना वीजा के ही हिंदुस्तान पहुंच गई. और वो भी चार-चार बच्चों के साथ. लेकिन क्या ये कहानी बिल्कुल ऐसी ही है, जैसी हमने बयां की. या फिर इस कहानी के पीछे की कहानी कुछ और है.
कौन है सीमा हैदर? नोएडा पुलिस के मुताबिक सीमा हैदर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जैस्माबाद की रहने वाली है. दस्तावेजों के मुताबिक उसकी शादी गुलाम रजा के साथ 2014 में हुई थी. शादी से तीन बच्चियां और एक लड़का पैदा हुआ. सबसे बड़ी लड़की की उम्र महज 7 साल है. गुलाम हैदर कराची में अपने परिवार के साथ रहता था और वहां पर टाइल्स लगाने का काम करता था. पुलिस के मुताबिक 2019 में गुलाम हैदर काम के सिलसिले में सऊदी अरब चला गया था.
पबजी गेम के दौरान मिले थे सीमा और सचिन पति के विदेश जाने के बाद सीमा हैदर मोबाइल में ज्यादा वक्त बिताने लगी. सीमा हैदर का ज्यादा टाइम पबजी खेलने में बीतने लगा. 2019 में पबजी खेलते वक्त पहली बार सीमा की बात सोशल मीडिया के जरिए गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले सचिन से हुई. पबजी खेलते-खेलते ही दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई फिर दोनों इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर चैटिंग करने लगे. फिर दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं.
कैसे भारत पहुंची सीमा हैदर इसके बाद सीमा हैदर ने कई बार सचिन से मिलने की कोशिश की लेकिन उसकी कोशिश पहली बार मार्च 2023 में सफल हुई. जानकारी के मुताबिक सीमा इसी साल मार्च के महीने में कराची से निकली और फिर वह नेपाल के पास शाहजहां पहुंची. वहां से फिर वो काठमांडू पहुंची. सचिन ने भी ग्रेटर नोएडा से निकलकर काठमांडू के लिए बस पकड़ी और वहां जा पहुंचा. दोनों 7 दिनों तक काठमांडू के एक होटल में रुके रहे. 7 दिनों बाद सीमा वापस पाकिस्तान चली गई और सचिन ग्रेटर नोएडा लौट आया.
करांची के ट्रैवल एजेंट ने बताई थी तरकीब जांच में इस बात खुलासा हुआ कि नेपाल टूर के दौरान ही सचिन और सीमा ने साथ रहने का मन बना लिया था. यही वजह थी कि नेपाल से वापस कराची लौटने के बाद सीमा ने सबसे पहले करांची में एक ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया. सीमा ने ट्रैवल एजेंसी से पूछा कि वह किस तरह से अपने चार बच्चों के साथ हिंदुस्तान जा सकती है. तब उसे पता चला कि नेपाल के रास्ते वह हिंदुस्तान बड़ी आसानी से दाखिल हो सकती है.
नेपाल के रास्ते दिल्ली पहुंची थी सीमा हालांकि नेपाल तक जाने के लिए उसे अपने बच्चों के पासपोर्ट की जरूरत थी. इन सब में अच्छा-खासा पैसा भी खर्च होने वाला था, इसलिए सीमा हैदर ने अपनी एक जमीन बेच दी. फिर अपने सभी चारों बच्चों का पासपोर्ट बनवाया. इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर पाकिस्तान से काठमांडू पहुंची और वहां से बस लेकर दिल्ली पहुंच गई. 13 मई को सीमा गौतमबुद्ध नगर के रबूपुरा इलाके में पहुंची, जहां सचिन रहता था.

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