
प्रशांत किशोर को जेडीयू से जुड़ी भविष्यवाणी के कारण कहीं राजनीति छोड़नी तो नहीं पड़ेगी?
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प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू को लेकर भविष्यवाणी की है, और कहा है कि अगर उनका आकलन गलत साबित हुआ तो वो राजनीति छोड़ देंगे - क्या बिहार और बंगाल के राजनीतिक समीकरण उनको एक जैसे लगते हैं?
हर चुनाव में नतीजे आने तक तमाम तरह के दावे किये जाते रहे हैं. नतीजे आने के बाद उनकी चर्चा की भी जरूरत कम ही पड़ती है. ज्यादातर दावे फुस्स हो चुके होते हैं.
बिहार चुनाव को लेकर भी प्रशांत किशोर ने एक बार फिर वैसा ही दावा किया है, जैसा 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर किया था - और ये भी कहा है कि अगर उनकी भविष्यवाणी सही साबित नहीं हुई तो वो राजनीति छोड़ देंगे.
ऐसे दावे अरविंद केजरीवाल भी करते रहे हैं. अरविंद केजरीवाल तो लाइव टीवी पर इंटरव्यू के दौरान लिखकर भी दे देते हैं, और बाकायदा नीचे दस्तखत भी करते हैं. बिहार में प्रशांत किशोर की राजनीति को भी अरविंद केजरीवाल से मिलती जुलती लाइन पर ही देखा जा रहा है. हालांकि, दोनों में काफी फर्क भी है.
प्रशांत किशोर ने बिहार में जेडीयू को मिलने वाली संभावित सीटों को लेकर दावा किया है. एक दावा अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के विसावदर उपचुनाव के दौरान भी किया था. वैसे जिस तरह का दावा अरविंद केजरीवाल ने किया था, उसकी मियाद अभी पूरी नहीं हुई है.
अरविंद केजरीवाल का दावा है कि अगर बीजेपी ने बाकियों की तरह आम आदमी पार्टी विधायक गोपाल इटालिया को भी अपने पाले में ले लिया, तो वो राजनीति छोड़ देंगे. प्रशांत किशोर के दावे की समय सीमा बिहार चुनाव के नतीजे आने तक ही है.
क्या है प्रशांत किशोर का नया चुनावी दावा

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